बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर
सम्राट चौधरी भाजपा विधायक दल के नये नेता
पटना | बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। दशकों का इंतजार खत्म हुआ और बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया है, जो अब बिहार की कमान संभालेंगे।
कल यानी 15 अप्रैल को राजधानी पटना के लोकभवन में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

नीतीश का इस्तीफा और ‘नई सरकार’ का स्वागत
आज दोपहर की गहमागहमी के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। दिलचस्प बात यह रही कि वे सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ एक ही गाड़ी में राजभवन पहुंचे।
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
“अब नई सरकार यहाँ का काम देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग रहेगा। आगे भी बहुत अच्छा काम होगा, बिहार बहुत आगे बढ़ेगा।”
नीतीश कुमार ने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक में भावुक होते हुए कहा, “2005 से अब तक मैंने जहां तक हो सका, बिहार के लिए काम किया। अब नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा।”
“नीतीश जी का सपना, मोदी जी का संकल्प”: सम्राट चौधरी
नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जाति-धर्म से ऊपर उठकर हर वर्ग का विकास करना है। उन्होंने कहा:
- “जिस तरह पीएम मोदी ने विकसित भारत का सपना देखा है, वैसे ही नीतीश जी ने समृद्ध बिहार का सपना देखा है।”
- “हम सभी भाई मिलकर इस सपने को पूरा करेंगे।”
- “भाजपा की विचारधारा ही हमारी ताकत है और उसी पर हम काम जारी रखेंगे।”
घटनाक्रम: सुबह से शाम तक क्या-क्या हुआ? (Timeline)
बिहार की राजनीति में आज का दिन किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था:
| समय | घटनाक्रम |
| 09:00 AM | संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी नीतीश आवास पहुंचे। |
| 11:00 AM | नीतीश कैबिनेट की आखिरी बैठक; धन्यवाद प्रस्ताव पारित। |
| 02:30 PM | नितिन नवीन समेत बीजेपी के दिग्गज नेता सीएम हाउस पहुंचे। |
| 03:15 PM | इस्तीफा! नीतीश कुमार ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन को त्यागपत्र सौंपा। |
| 03:30 PM | भाजपा मुख्यालय में हलचल; शिवराज सिंह चौहान और सम्राट चौधरी बैठक में शामिल हुए। |
| 04:00 PM | ऐतिहासिक घोषणा! सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। |
🔥 विश्लेषण: क्यों खास है यह बदलाव?
- भाजपा का वर्चस्व: बिहार में हमेशा ‘जूनियर पार्टनर’ रहने वाली भाजपा अब ड्राइविंग सीट पर है।
- नीतीश की नई भूमिका: नीतीश कुमार अब ‘किंग’ के बजाय ‘किंगमेकर’ और मार्गदर्शक की भूमिका में नज़र आएंगे।
- युवा नेतृत्व: सम्राट चौधरी के रूप में भाजपा ने एक आक्रामक और कद्दावर चेहरे पर दांव लगाया है।


