ममता पर भारी पड़ी लापरवाही !
अल्मोड़ा की थी मृतका
हल्द्वानी (उत्तराखंड) | शहर के हल्दूचौड़ क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आ रही है। अपने जिगर के टुकड़े को आवाज देना एक मां के लिए काल बन गया। बालकनी से नीचे झांकते समय संतुलन बिगड़ने के कारण एक महिला तीसरी मंजिल से सीधे कंक्रीट की सड़क पर जा गिरी। अस्पताल ले जाते समय महिला ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
रेलिंग से झुकी और फिर… चीखों में बदली आवाजें
मिली जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार शाम की है। मूल रूप से अल्मोड़ा के गौना निवासी जीवन कुमार अपनी पत्नी मुन्नी देवी (30 वर्ष) और दो मासूम बच्चों के साथ हल्दूचौड़ स्थित तारा कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर किराए पर रहते थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मुन्नी देवी का बेटा नीचे की मंजिल पर खेल रहा था। मां की ममता उसे देखने के लिए बालकनी की रेलिंग के सहारे नीचे झुकी और आवाज देने लगी। इसी दौरान अचानक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे सड़क पर आ गिरी। महिला के गिरते ही वहां मौजूद बच्चों और पड़ोसियों की चीखें निकल गईं।
पड़ोसियों ने दिखाई तत्परता, पर नहीं बची जान
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय व्यापारी और पड़ोसी मदद के लिए दौड़ पड़े। व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष भास्कर सुयाल और अन्य स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए मुन्नी देवी को निजी वाहन से सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मुन्नी देवी को ‘ब्रॉट डेड’ (मृत) घोषित कर दिया।
📊 घटना के मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
| मृतिका का नाम | मुन्नी देवी (30 वर्ष) |
| निवासी | गौना, अल्मोड़ा (हाल निवासी: तारा कॉम्प्लेक्स, हल्द्वानी) |
| स्थान | हनुमान मंदिर रोड, बमेटा बंगर खीमा |
| हादसे का कारण | तीसरी मंजिल की बालकनी से संतुलन बिगड़ना |
| पारिवारिक स्थिति | पति ड्यूटी पर थे, घर में दो छोटे बच्चे हैं |
परिजनों में कोहराम, पैतृक गांव ले जाया गया शव
हादसे के वक्त मृतका का पति जीवन कुमार ड्यूटी पर था। घर पहुंचते ही पत्नी की मौत की खबर सुनकर वह सुध-बुध खो बैठा। मंगलवार को पुलिस ने सुशीला तिवारी अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम कराया।
हल्द्वानी पुलिस का बयान: “यह एक दुखद हादसा है। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। प्राथमिक जांच में मामला पैर फिसलने और संतुलन बिगड़ने का लग रहा है।”
शव मिलने के बाद बिलखते परिजन अंतिम संस्कार के लिए मुन्नी देवी की देह को उनके पैतृक गांव अल्मोड़ा ले गए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर इमारतों में बालकनी की सुरक्षा और ऊंचाई पर बरतने वाली सावधानियों पर सवालिया निशान लगा दिया है।


