जानें पूरी रूपरेखा
अल्मोड़ा/रानीखेत। कुमाऊं की आस्था और संस्कृति के प्रतीक मां नंदा देवी मेला और मां नंदा-सुनंदा महोत्सव 2025 को लेकर अल्मोड़ा और रानीखेत दोनों नगरों में तैयारियां तेज हो गई हैं।
अल्मोड़ा में जहां इस बार आयोजन नगर के एडम्स गर्ल्स इंटर कॉलेज मैदान में होगा, वहीं रानीखेत में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक विविध सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं और भव्य डोला शोभायात्रा निकाली जाएगी।
दोनों ही स्थानों पर प्रशासन, मेला समितियां और स्थानीय नागरिक मिलकर इस परंपरागत उत्सव को ऐतिहासिक और भव्य रूप देने में जुटे हुए हैं।
अल्मोड़ा : एडम्स गर्ल्स इंटर कॉलेज मैदान में होगा भव्य आयोजन
अल्मोड़ा। मां नंदा देवी मेला 2025 को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रशासन एवं मेला समिति ने तैयारियों को लेकर अहम निर्णय लिया है। इस बार मेले का आयोजन नगर के एडम्स गर्ल्स इंटर कॉलेज के मैदान में किया जाएगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ व्यापारिक प्रतिष्ठान भी सजेंगे।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी संजय कुमार, शिक्षा अधिकारी डॉ. हरीश रौतेला, मेला अध्यक्ष मनोज वर्मा, एडम्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक व प्रधानाचार्य, मंदिर समिति के पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में आपसी सहमति से यह सुनिश्चित किया गया कि मेले के कार्यक्रमों से विद्यालय की छात्राओं की पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं होगा।
सांस्कृतिक धरोहर का भव्य रूप
मेला अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि “नंदा देवी मेला केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि सांस्कृतिक धरोहर है। इसे भव्य रूप देने के लिए नगर के सभी विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि मैदान में लगने वाले प्रतिष्ठानों और सांस्कृतिक मंचों की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है।
बैठक और निरीक्षण में रहे शामिल
इस अवसर पर मेला समिति के सचिव मनोज सनवाल, उपाध्यक्ष तारा चंद जोशी, व्यवस्थापक अनूप साह, नरेंद्र वर्मा मुन्ना, हरीश भंडारी, मुख्य संयोजक अर्जुन बिष्ट चीमा, संयोजक पार्षद अमित साह मोनू, पार्षद कुलदीप मेर, सह संयोजक परितोष जोशी, सह संयोजक पार्षद अभिषेक जोशी, ग्राम पंचायत सदस्य कपिल मल्होत्रा, हरीश भंडारी, त्रिलोचन जोशी, दिनेश मठपाल, राजेंद्र बिष्ट, हितेश वर्मा, मनोज भंडारी मंटू, पंकज परगाई सहित मेला समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण में पुलिस विभाग से कृष्ण कुमार, विमल टम्टा, नगर निगम से बसंत बल्लभ पांडेय, धीरज कांडपाल, राजपाल पवार, विद्युत विभाग से संतोष अग्रवाल, जल संस्थान से महेंद्र बिष्ट, उमंग शर्मा, पीडब्ल्यूडी से एई समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
सभी ने संयुक्त रूप से एडम्स गर्ल्स इंटर कॉलेज मैदान का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और डोले की शोभायात्रा के दौरान नगर के बाजार क्षेत्र में विद्युत व संचार तारों को व्यवस्थित करने पर भी चर्चा हुई।
महिला सहभागिता पर जोर
समिति ने निर्णय लिया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं और व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग समय रहते अपनी तैयारी पूरी करेंगे। मंदिर समिति के सदस्यों और पार्षदों ने मेले को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कई सुझाव दिए।
मेला समिति ने विशेष रूप से महिला सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इसी क्रम में 20 अगस्त को नंदा देवी मंदिर प्रांगण में महिलाओं की एक विशेष बैठक आहूत की जाएगी, जिसमें मेले से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी।
नगरवासियों और श्रद्धालुओं में भी नंदा देवी मेले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन और मेला समिति का कहना है कि इस बार का आयोजन नगर की संस्कृति और परंपरा को और अधिक भव्य रूप में प्रस्तुत करेगा।
रानीखेत : मां नंदा-सुनंदा महोत्सव 28 अगस्त से
रानीखेत। मां नंदा-सुनंदा महोत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार महोत्सव 28 अगस्त से शुरू होकर 3 सितंबर तक आयोजित होगा।
28 अगस्त को मां नंदा-सुनंदा मूर्ति निर्माण के लिए माधव कुंज रायस्टेट से कदली वृक्ष लाए जाएंगे, तदुपरांत मूर्ति निर्माण का कार्य शुरू होगा। रात्रि में स्थानीय बाल कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
प्रतियोगिताओं की श्रृंखला
29 अगस्त : पूर्वाह्न 11 बजे से तीन वर्गों (कक्षा 1 से 5, 6 से 8 और 9 से 12) की अंतरविद्यालयी चित्रकला प्रतियोगिता। साथ ही कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों, महिलाओं और महाविद्यालय छात्राओं की मेहंदी प्रतियोगिता।
30 अगस्त : पूर्वाह्न 11 बजे से ऐपण प्रतियोगिता (कक्षा 9 से 12, महिलाएं व महाविद्यालय छात्राएं)। अपराह्न 2 बजे से महिलाओं के लिए उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिता तथा स्कूली बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता।
31 अगस्त : पूर्वाह्न 11 बजे से अंतरविद्यालयी समूह नृत्य प्रतियोगिता (प्राइमरी वर्ग कक्षा 1–5, जूनियर वर्ग कक्षा 6–8) तथा महिलाओं की छपेली समूह नृत्य प्रतियोगिता। इसी दिन पुरस्कार वितरण होगा।
1 सितंबर : पूर्वाह्न 11 बजे से अंतरविद्यालयी समूह लोक नृत्य प्रतियोगिता (सीनियर वर्ग कक्षा 9–12), शकुनाखर प्रतियोगिता (कक्षा 9–12) और महिलाओं की विवाह गीत प्रतियोगिता। इसके बाद पुरस्कार वितरण।
2 सितंबर : दोपहर 12 बजे महिलाओं की उत्तराखंडी परिधान प्रतियोगिता, 1 बजे महिलाओं की झोड़ा प्रतियोगिता और बालिकाओं के लिए मनोरंजक खेल प्रतियोगिताएं।
3 सितंबर : प्रातः 9:30 बजे मां नंदा-सुनंदा की भव्य डोला शोभायात्रा, भजन-कीर्तन और विद्यालयों की सांस्कृतिक झांकी के साथ समापन।
संस्कृति और आस्था का संगम
सांस्कृतिक संयोजक विमल सती ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से सांस्कृतिक धरोहर को संजोना है।


