► अल्मोड़ा कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने दी चेतावनी, विशेष सत्र पर उठाया सवाल


सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: राज्य सरकार ने एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर राज्य के जनता की गाड़ी कमाई बर्बाद की है। यहां तक कि इस सत्र में 33 फीसदी महिला आरक्षण संबंधी प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया। उन्होंने मांग की कि जल्दी ही इसके लिए विशेष सत्र बुलाया जाए। यह कहना है कि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज का।
विशेष सत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र में उत्तराखंड की वर्तमान विधानसभा सीटों और लोकसभा सीटों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण संबंधी प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए था और इसे केंद्र सरकार को भेजना चाहिए था, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ, जबकि कांग्रेस की तरफ से ऐसी मांग भी रखी गई। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कांग्रेस विधानमंडल की ओर से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का संकल्प प्रस्तुत किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इस मामले पर सिर्फ राजनैतिक बयानबाजी कर रही है और सच्चाई यह है कि भाजपा सरकारें महिलाओं को आरक्षण देना नहीं चाहती हैं। उन्होंने कहा है कि विशेष सत्र में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजने के बजाय सरकार ने निंदा प्रस्ताव पास किया, जिसका कोई विधाई मूल्य नहीं है।
भोज ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक सितंबर, 2023 में पास हो गया था, लेकिन इसे लागू करने की अधिसूचना 3 साल बाद 16 अप्रैल 2026 को जारी हुई। उन्होंने सवाल किया कि अब तक यह कानून लागू क्यों नहीं हुआ? भोज ने कहा कि उत्तराखण्ड में सबसे बड़ा मुद्दा महिला सुरक्षा का है। उत्तराखण्ड की महिलाओं को आरक्षण के साथ संरक्षण भी चाहिए। अंकिता भंडारी मामले में वीआईपी भाजपा नेता का आज भी पता नहीं चला है। उन्होंने कहा कि चमोली की पिंकी, हरिद्वार के शांतरशाह की दलित बेटी व चंपावत की नाबालिग़ बेटी के मामले में अपराधी भाजपा के नेता ही प्रकाश में आए थे। उन्होंने कहा कि विशेष सत्र में भी कांग्रेस ने यह मुद्दे उठाए, मगर सरकार मौन रही। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों और वर्ष 2029 के लोक सभा चुनावों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू नहीं किया, तो कांग्रेस सड़कों पर प्रदर्शन करेगी।


