जानिए, युवक ने क्यों उठाया यह आत्मघाती कदम?
CNE REPORTER, ऊधम सिंह नगर। जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने आत्मदाह का प्रयास कर लिया। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता से समय रहते युवक को काबू में कर लिया गया, जिससे एक बड़ी और दर्दनाक घटना टल गई।
यह सनसनीखेज मामला जिले के गदरपुर क्षेत्र का है, जहां आयोजित सरकारी कार्यक्रम के बीच अचानक पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंचे युवक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगाने की कोशिश की।
घटना गदरपुर स्थित नगर पालिका पार्किंग परिसर में चल रहे ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान हुई। जैसे ही युवक ने पेट्रोल डालने की कोशिश की, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। कुछ ही सेकेंड की देरी एक बड़े हादसे में तब्दील हो सकती थी।
पीड़ित युवक की पहचान: चाय विक्रेता सोनू भारद्वाज
आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवक की पहचान बराखेड़ा निवासी सोनू भारद्वाज के रूप में हुई है, जो स्थानीय बाजार में चाय की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सोनू का आरोप है कि करीब चार महीने पूर्व साप्ताहिक बाजार में उनकी पत्नी का पर्स चोरी हो गया था, जिसमें एक मोबाइल फोन और लगभग 10 हजार रुपये नकद थे।
उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कई महीनों के बावजूद न तो चोर पकड़े गए और न ही चोरी गया सामान बरामद हो सका।
न्याय की आस में दर-दर भटका युवक, नहीं मिली सुनवाई
सोनू भारद्वाज के अनुसार, उन्होंने इस मामले में कई बार पुलिस अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। लगातार हो रही अनदेखी और न्याय न मिलने से वह मानसिक रूप से बेहद आहत हो चुके थे।
इसी हताशा और आक्रोश में उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने का प्रयास किया, ताकि उनकी पीड़ा शासन-प्रशासन तक सीधे पहुंच सके।
पुलिस की तत्परता से बची युवक की जान
जैसे ही युवक ने खुद पर पेट्रोल डालना शुरू किया, वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसे दबोच लिया। हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनकर तुरंत स्थिति को नियंत्रण में किया गया। इसके बाद युवक को हिरासत में लेकर कोतवाली गदरपुर पहुंचाया गया, जहां परिजनों की मौजूदगी में उसकी काउंसलिंग कराई गई।
पुलिस अधिकारियों ने उसे समझाइश देते हुए भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की चेतावनी दी और बाद में छोड़ दिया गया।
पुलिस का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी
पुलिस प्रशासन ने बताया कि चोरी हुए मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगा दिया गया है और तकनीकी माध्यमों से आरोपियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आत्मदाह के प्रयास की यह घटना पूरे नगर में दिनभर चर्चा का विषय बनी रही। जहां एक ओर पुलिस की फुर्ती से एक बड़ी अनहोनी टल गई, वहीं दूसरी ओर यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और लंबित शिकायतों के निस्तारण पर गंभीर सवाल खड़े कर गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पीड़ित की शिकायत का समाधान कर दिया जाता, तो शायद उसे इतना बड़ा कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती।
ऊधम सिंह नगर की यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी लापरवाहियां कभी-कभी किसी की जान पर भारी पड़ सकती हैं। पुलिस की तत्परता ने इस बार भले ही जान बचा ली हो, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाना अनिवार्य है।

