कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर : नदीगांव सैम मंदिर वार्ड में प्रस्तावित शराब की बार को लेकर स्थानीय निवासियों का आक्रोश चरम पर है। बार खोले जाने की सुगबुगाहट मात्र से ही क्षेत्र की महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को भारी संख्या में महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी कीमत पर आवासीय क्षेत्र में शराब की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नदीगांव टैक्सी स्टैंड के पास जिस स्थान पर बार खोलने की तैयारी चल रही है, वह पूर्णतः एक आवासीय क्षेत्र है। यहां 100 से अधिक परिवार दशकों से शांतिपूर्वक निवास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का तर्क है कि बार खुलने से क्षेत्र का पारिवारिक माहौल पूरी तरह दूषित हो जाएगा और बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों का घर से निकलना दूभर हो जाएगा।
मंदिर और विद्यालय की गरिमा पर संकट
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर भी खींचा कि प्रस्तावित स्थल के समीप मंदिर और शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे धार्मिक और शैक्षिक वातावरण वाले क्षेत्र में शराब की बार खोलना सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है। इससे न केवल शिक्षा का स्तर गिरेगा, बल्कि छोटे बच्चों के मानसिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
महिलाओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बार खुलने के बाद क्षेत्र में बाहरी और अराजक तत्वों की आवाजाही बढ़ जाएगी, जिससे छेड़खानी और लड़ाई-झगड़े की घटनाएं आम हो जाएंगी। इससे क्षेत्र की बालिकाओं और महिलाओं में असुरक्षा का भाव पैदा होगा। साथ ही, पहले से ही यातायात और पार्किंग की समस्याओं से जूझ रहे इस वार्ड में भीड़भाड़ बढ़ने से कानून व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाएगा।
उग्र आंदोलन की चेतावनी और ज्ञापन
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में क्षेत्रवासियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि बार खोलने के प्रस्ताव को तुरंत खारिज नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण वार्ड की ‘फिजा’ को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और भविष्य में होने वाले किसी भी विवाद या जनाक्रोश की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
मांग करने वालों और प्रदर्शन में मुख्य रूप से नीमा देवी, गीता रावल, दीपा रावल, पुष्पा रावल, चंद्रा रावल, अनील रावल, प्रेमा रावल, कुंती रावल, सरिता, कमला, नीमा, कमला राना और कौशल्या देवी सहित दर्जनों क्षेत्रीय महिलाएं शामिल रहीं।


