ऐतिहासिक शंखनाद: ‘गंगोत्री से गंगासागर’ तक भगवा परचम
घुसपैठियों के खिलाफ एक्शन लेंगे : नरेंद्र मोदी
CNE DESK, बंगाल फतह : आज का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की जनता अब केवल ‘विकास की राजनीति’ पर मुहर लगा रही है। 3-2 के इस रोमांचक मुकाबले में भाजपा ने पश्चिम बंगाल और असम में प्रचंड बहुमत के साथ जीत का डंका बजाया है। पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन की सरकार बनी है, जबकि केरल में सत्ता परिवर्तन के साथ कांग्रेस गठबंधन विजयी रहा। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने एक नए युग की शुरुआत की है, जिसने दशकों पुराने द्रविड़ वर्चस्व को हिलाकर रख दिया है।


लेकिन, सबसे बड़ी गूंज पश्चिम बंगाल से उठी है, जहाँ ‘सोनार बांग्ला’ के सपने ने हकीकत का रूप लिया है। दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर उमड़े जनसैलाब के बीच देश के प्रधानसेवक ने जो संबोधन दिया, वह केवल एक भाषण नहीं, बल्कि आने वाले नए बंगाल का ‘विजन डॉक्यूमेंट’ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की तपस्या को नमन करते हुए कहा— “सालों की मेहनत जब आज सिद्धि में बदली है, तो जो खुशी मैं आप सबके चेहरों पर देख रहा हूं, वही मेरी असली पूंजी है।” उन्होंने इस महाविजय का पूरा श्रेय उन बलिदानियों और कार्यकर्ताओं के परिवारों को दिया, जिन्होंने बंगाल में वैचारिक लड़ाई को जीवित रखा।
गंगोत्री से गंगासागर: भौगोलिक नहीं, वैचारिक एकीकरण
मोदी ने कहा कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल—गंगा के पूरे मार्ग पर भाजपा और एनडीए की सरकारों के उदय पर प्रधानसेवक ने गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “आज माँ गंगा का आशीर्वाद पूरी तरह साथ है। गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक अब केवल कमल ही कमल खिला है। यह केवल सत्ता का परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल के गौरव की पुनस्र्थापना है।”
पहली कैबिनेट का पहला फैसला: ‘आयुष्मान भारत’ को हरी झंडी
बंगाल की जनता के लिए बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट मीटिंग में आयुष्मान भारत योजना को लागू किया जाएगा। अब बंगाल के हर गरीब को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे राज्य का कोई भी परिवार इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा।
घुसपैठ पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और विकास की गारंटी
सीमावर्ती राज्यों की सुरक्षा पर बल देते हुए देश के साफ संदेश दिया कि अब बंगाल में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने वादा किया कि युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे ताकि ‘पलायन’ का दंश झेल रहे बंगाल को वापस अपनी जड़ों से जोड़ा जा सके। महिलाओं के लिए सुरक्षा का ऐसा माहौल बनेगा जहाँ डर की कोई जगह नहीं होगी।
डॉ. मुखर्जी का स्वप्न और वंदे मातरम् का 150वां वर्ष
अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि आज उनकी आत्मा को असीम शांति मिली होगी। उन्होंने कहा, “डॉ. मुखर्जी ने बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए जो लड़ाई लड़ी, आज यह जीत उसी विचारधारा का सम्मान है। वंदे मातरम् के 150वें वर्ष में बंगाल का भाजपा के साथ आना एक अद्भुत संयोग है।”
नारी शक्ति का आक्रोश: ‘शह और मात’ का खेल खत्म
महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाले दलों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी और उसके सहयोगियों को बंगाल की बहनों-बेटियों ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि नारी विरोधी राजनीति करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। बंगाल की माताओं ने बता दिया है कि उन्हें ‘शक्ति’ का सम्मान चाहिए, न कि तुष्टिकरण।
कांग्रेस का ‘अर्बन नक्सल’ अवतार और कम्युनिस्टों का सूपड़ा साफ
विपक्ष की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज देश का एक भी राज्य ऐसा नहीं है जहाँ कम्युनिस्टों की सरकार हो। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब ‘अर्बन नक्सलियों’ का गिरोह बन चुकी है और उन माओवादी विचारधाराओं को पाल रही है जिन्हें देश पहले ही नकार चुका है। उन्होंने कहा, “आज का भारत विवाद नहीं, विकास चाहता है; विभाजन नहीं, विश्वास चाहता है।”
वैश्विक संकट के बीच भारत की ‘स्थिरता’ का संदेश
दुनिया भर में चल रहे युद्ध और आर्थिक मंदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब विश्व में युद्ध के सायरन बज रहे हैं, तब भारत का नागरिक ‘स्थिरता’ के लिए वोट दे रहा है। उन्होंने पश्चिमी एशिया के संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की एकजुटता ही उसे भविष्य की महाशक्ति बनाएगी।
बदला नहीं बदलाव: राजनीतिक हिंसा का होगा अंत
अंत में, उन्होंने बंगाल के सभी राजनीतिक दलों से एक विशेष अपील की। उन्होंने कहा, “बंगाल में दशकों से चली आ रही राजनीतिक हिंसा का दौर अब समाप्त होना चाहिए। भाजपा ‘बदला’ लेने में नहीं, बल्कि ‘बदलाव’ लाने में विश्वास रखती है। आइए, हम सब मिलकर गुरुदेव टैगोर के उस बंगाल का निर्माण करें जहाँ मन भयमुक्त हो और मस्तक ऊंचा रहे।”
“9 मई करीब है, और गुरुदेव का वह सपना कि ‘चित्त जहाँ भयशून्य हो’, उसे भाजपा बंगाल की धरती पर सच करके दिखाएगी। यह मोदी की गारंटी है!”


