अजय टम्टा के नेतृत्व में विजय उत्सव
एसबीआई तिराहे पर आतिशबाजी और मिष्ठान वितरण
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर : नगर के एसबीआई तिराहे पर आज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मिली शानदार सफलता का जोरदार जश्न मनाया। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा की मौजूदगी में आयोजित इस विजय उत्सव में पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था। ढोल-नगाड़ों की थाप और गगनभेदी नारों के साथ पूरे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।


जीत की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता भारी संख्या में एसबीआई तिराहे पर एकत्रित होने लगे। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और जीत की खुशी साझा की। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई, जिससे आसमान रोशनी से सराबोर हो गया। समर्थकों की भारी भीड़ के चलते काफी देर तक तिराहे पर गहमागहमी बनी रही और कार्यकर्ता अपनी उत्सुकता व्यक्त करते नजर आए।
ऐतिहासिक जीत विकास और विश्वास का परिणाम: अजय टम्टा
विजय जुलूस को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने इस जीत को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का यह परिणाम केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के अटूट विश्वास की मुहर है। टम्टा ने जोर देकर कहा कि यह जीत केवल एक चुनावी आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह विकासवाद की जीत है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को देते हुए कहा कि संगठन की एकजुटता ने ही इस असंभव लक्ष्य को संभव बनाया है।
अजय टम्टा ने अपने संबोधन में आगे कहा कि भाजपा सरकार जनता की सेवा के लिए संकल्पित है और आने वाले समय में भी लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का संगठन केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
जश्न के इस विशेष अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विधायक पार्वती दास, कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्य और दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट मुख्य रूप से शामिल हुए।
इनके अलावा दीपक जोशी, आदर्श कठायत, मनोज ओली, नितिन जोशी, संजय परिहार और आशीष धपोला सहित बड़ी संख्या में मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक और बूथ स्तर के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक सुर में इस जीत को संगठन की ताकत और राष्ट्रवाद की जीत बताया।


