महिला कॉन्स्टेबल रच रही थी पति के मर्डर की साजिश, 900 कॉल रिकॉर्डिंग में पति ने खोला राज

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सांकेतिक फोटो

उत्तर प्रदेश। यूपी के आजमगढ़ में एक महिला पुलिस के द्वारा अपने पति की हत्या करा कर उसकी करोड़ों की जमीन हड़पने का एक सनसनीखेज मामला तब सामने आया। जब पुलिस ने प्रेमी दारोगा सहित महिला सिपाही पर हत्या की साजिश का मुकदमा दर्ज कर सस्पेंड कर दिया। पीड़ित पति ने 900 ऑडियो क्लिपिंग के साथ महत्वपूर्ण साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए।


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दरअसल एक महिला कॉन्स्टेबल ने साजिश के तहत शादी कर दो महीने में ही पति की हत्या का प्लान बना लिया। इस काम में उसका साथ 4 साल से संबंध रखने वाला दारोगा और उसकी सगी बहन दे रही थी। उसके पति को जब शक हुआ तो उसने पत्नी के मोबाइल में कॉल रिकॉर्डिंग ऐप डालकर सुना तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। 900 ऑडियो रिकॉर्डिंग में उसकी करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने और उसके मर्डर का प्लान था।

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दरअसल, पूरा मामला बलिया जिले के रहने वाले संत कुमार का है जो अभी अंडर ट्रेनिंग पुलिस विभाग में हैं। इनकी शादी आजमगढ़ में तैनात महिला कॉन्स्टेबल विकास लता सिंह से लॉकडाउन के समय में मंदिर में हुई थी।

इस शादी से पति संत कुमार काफी खुश था। घर में इकलौता बेटा, बूढ़ी मां और अर्ध विक्षिप्त पिता के बीच दुल्हन आने से खुशियां बढ़ गई थीं। संत कुमार के पास करोड़ों की बेशकीमती जमीन थी जिसमें वह खेती किसानी कर खुशहाल रहता था।

हाल ही में उसकी पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल के पद पर नौकरी भी लग गई है जो अभी अंडर ट्रेनिंग प्रोसेसिंग में है। शादी के डेढ़ महीने बाद तक आजमगढ़ जिले में पोस्टिंग के दौरान रह रही उसकी पत्नी के पास आना-जाना भी होता था।

पति-पत्नी आजमगढ़ में किराए के मकान में रहते थे। इसी बीच पत्नी मोबाइल फोन से अक्सर बात करने के लिए एकांत में चली जाया करती थी। पति संत कुमार को इस बात पर कुछ शक हुआ तो बिना पत्नी की जानकारी के उसके मोबाइल में कॉल रिकॉर्डिंग ऐप डाउनलोड कर दिया जिसका संज्ञान उसकी पत्नी को नहीं था। जिसके बाद वह अपने घर बलिया चला गया।

जब 10 दिन बाद वह वापस बलिया से आजमगढ़ किराए के मकान पर रह रही कॉन्स्टेबल पत्नी के पास आया तो उसके नखरे और व्यवहार में उलट परिवर्तन भी देखने को मिले। मौका पाकर पति ने अपनी पत्नी के सारे वॉयस कॉलिंग रिकॉर्डिंग को मोबाइल में ट्रांसफर कर लिया और जब रिकॉर्डिंग ऑन कर सुनी तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।

इन पूरे ऑडियो क्लिपिंग में प्रेमी दारोगा रामसूरत यादव की बातें थीं जो मिर्जापुर में तैनात है। उनके बीच रोमांटिक बातों से लेकर होने वाले बच्चे और उसको संत कुमार की जमीन को अपना बनाने के लिए वारिस बनाने की बातें की जा रही थीं।

यही नहीं संत कुमार पीड़ित की हत्या करने के लिए महिला कॉन्स्टेबल ने रिवॉल्वर की भी डिमांड की थी। इस पूरे प्रकरण में एक नया मामला और सामने आया जिसमें महिला कॉन्स्टेबल की सगी बहन का भी ऑडियो क्लिपिंग आया कि पहले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाएगा और उसके बाद अपने चाचा के आदमी भेज कर उसकी हत्या करा कर डेड बॉडी फेंक दी जाएगी।

पत्नी का अपने प्रेमी से यह भी ऑडियो क्लिप भी जारी हुआ जिसमें खुद वह कह रही थी कि अब इसकी हत्या कर देते हैं, जो भी होगा, देखा जाएगा।

इन तमाम ऑडियो को सुन पति विचलित हो गया था और अचानक आए उसके व्यवहार के परिवर्तन में एक बात और सामने आई थी कि लखनऊ में एक खरीदी हुई जमीन पर मॉल बनाने के लिए पति पर पैसे का दबाव डाल रही थी। उसका कहना था कि घर की जमीन कुछ बेचकर लखनऊ में एक मॉल बना लिया जाए जिसके लिए पति जमीन बेचने के लिए साफ इंकार कर चुका था।

तभी से महिला कॉन्स्टेबल अपने पति से बेरूखी का व्यवहार भी जताने लगी थी। इन सारी घटनाओं और प्राप्त ऑडियो क्लिपिंग के आधार पर पति ने सीधे आजमगढ़ के एसपी से संपर्क किया और उन्हें अपनी आपबीती सुनाई।

एसपी आजमगढ़ ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पहले तो क्षेत्राधिकारी से सारे ऑडियो क्लिपिंग की जांच कराई। जांच के दौरान में तथ्य सही पाए जाने पर महिला कॉन्स्टेबल, प्रेमी दारोगा के ऊपर हत्या की साजिश और झांसा देकर शादी करने का मुकदमा दर्ज करा दिया। महिला कॉन्स्टेबल को सस्पेंड भी कर दिया।

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