न समय से वेतन, ना ही एरियर व अन्य भुगतान
जनपद के 104 कार्मिकों का भविष्य अंधेरे में
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति में समायोजित करने की मांग
सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल। शासन—प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का खामियाजा जिले में कार्यरत 104 आउटसोर्सिंग कार्मिक भुगत रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जनपद में नैनीताल में MS Vigillant Security, placement & Detective Services Pvt. Ltd. के माध्यम से एनएचएम में 104 कार्मिक कार्यरत हैं। जनपद नैनीताल में आउटसोर्स एजेंसी द्वारा कार्यरत कार्मिक विगत 04 वर्षों से निरन्तर कार्य कर रहे हैं। इन एजेंसी द्वारा नियुक्त कार्मिक कोरोना महामारी के समय से विभागीय कर्मचारियों के समान कार्यों के दायित्वों का निर्वहन करते आ रहे हैं।
जनपद नैनीताल में आउटसोर्स एजेंसीज द्वारा कार्यरत कार्मिकों का मासिक वेतन भुगतान ससमय से नहीं होता है, जिससे समस्त कार्मिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कर्मिकों का कहना है कि उन्हें मार्च माह से तनख्वाह नहीं मिली है। साथ ही संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा भी कोई रिस्पांस नहीं दिया जा रहा है। मानदेय की समस्या को लेकर कार्मिक सीएमओ नैनीताल से भी कई बार मिल चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डेढ़ साल से कार्मिक मानदेय, एरियर आदि की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के तहत नियुक्त आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि नैनीताल जनपद में कार्यरत कर्मिकों को तीन माह से वेतन तथा चार माह से ई.पी.एफ. व ई.एस.आई.सी. का भुगतान नहीं हो पाया है।पूर्व में सीएमओ नैनीताल ने इस विषय को लेकर संबंधित ऐजेंस को चेतवनी देते हुए पत्र भी लिखा, लेकिन समस्या का आज की तरीख तक निस्तारण नहीं हो पाया।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का यह भी कहना है कि वे वेतन व अन्य सुविधाओं के अभा में मानसिक व आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। वे अपने परिवार का भी ठीक से भरण—पोषण करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें जिला स्वास्थ्य समिति में स्थानान्तरित किया जाये, जिससे उनकी समस्या का समाधान हो सके।

