
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर उठाए सवाल
सीएनई संवाददाता | अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस मामले को लेकर रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया और प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने दुष्यंत गौतम उर्फ गट्टू को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के संदर्भ में सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उठ रही चिंताओं पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग महज एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास, शासन की जवाबदेही और निष्पक्ष जांच से जुड़ा गंभीर सवाल है। किसी भी मामले में सच्चाई सामने लाना और उससे जुड़े प्रत्येक सवाल का तथ्यात्मक समाधान करना जरूरी है, ताकि न्याय की प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा कायम रहे।
राज्यपाल नियुक्ति को लेकर सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब
कांग्रेस नेताओं ने दुष्यंत गौतम उर्फ गट्टू को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के संदर्भ में भाजपा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सार्वजनिक स्तर पर उठ रही चिंताओं और सवालों का समाधान किया जाना चाहिए। सरकार को इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लोगों के मन में उठ रहे प्रश्नों का जवाब मिल सके।
नेताओं ने मांग की कि मामले से जुड़े आरोपों, तथ्यों और सामने आए सवालों की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए, जिससे न्याय की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका पैदा हो। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आवश्यक है कि जांच और कार्रवाई पारदर्शी हो तथा कानून के अनुरूप सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।
‘न्याय की आवाज को गंभीरता से सुने सरकार’
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। यह एक संवेदनशील प्रकरण है, जिसमें जनता की भावनाएं और न्याय की अपेक्षा जुड़ी हुई हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उठ रहे सवालों को गंभीरता से सुने और तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करे।
उन्होंने कहा कि न्याय की मांग कर रहे लोगों की आवाज को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए। निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और जवाबदेही ही ऐसी परिस्थितियों में जनता का विश्वास मजबूत कर सकती है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि पीड़िता को न्याय मिलना और प्रकरण से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण सवाल का उचित समाधान होना आवश्यक है।
आंदोलन की आवाज को आगे भी बुलंद रखने का ऐलान
रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने दोहराया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को आगे भी प्रमुखता से उठाया जाता रहेगा। नेताओं ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग तब तक महत्वपूर्ण बनी रहेगी, जब तक उठाए जा रहे सवालों का उचित समाधान नहीं होता।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने का सवाल केवल किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही से जुड़ा विषय है। इसलिए आवश्यक है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाया जाए और जनता के बीच उठ रही चिंताओं का तथ्यात्मक समाधान सुनिश्चित किया जाए। प्रेसवार्ता में नगरपालिका अध्यक्ष अरुण रावत, पीसीसी सदस्य कैलाश पांडेय, महिला जिलाध्यक्ष गीता पवार, नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट, महिला नगराध्यक्ष नेहा माहरा, अगस्त लाल साह, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज जोशी, कॉर्डिनेटर कुलदीप कुमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल सिंह देव, पंचायती राज जिलाध्यक्ष त्रिलोक आर्या, विश्व विजय सिंह माहरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीप उपाध्याय एवं विजय तिवारी, प्रमोद पाल, वंदना जयाल, जीतन जयाल, विक्की मेहरा तथा मीडिया प्रभारी सोनू सिद्दीकी सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।










