घाटे की असल वजह ‘घर की मुर्गी !
CNE REPORTER देहरादून। : उत्तराखंड रोडवेज की बसों से डीजल चोरी का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें निगम के ही कर्मचारी रात के अंधेरे में खड़ी बस से ड्रमों में तेल निकालते दिख रहे हैं।
इस ‘आंतरिक लूट’ का वीडियो वायरल होने के बाद, अब MD रीना जोशी ने जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है, जिसने रोडवेज को हो रहे घाटे की असली और ‘खुली’ वजह उजागर कर दी है।
यूं तो उत्तराखंड परिवहन निगम (UTRC) अक्सर घाटे में रहने की खबरों को लेकर सुर्खियों में रहता है, लेकिन अब जो नजारा सामने आया है, उसे देखकर पब्लिक भी कह रही है— “वाह! गजब का मैनेजमेंट है।”
मामला हरिद्वार डिपो से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां चार दिसंबर की रात को कुछ ‘कर्मचारी’ अपने काम के प्रति इतने समर्पित हो गए कि वे चलती-फिरती बस से नहीं, बल्कि खड़ी बस से ही डीजल निकालने में जुट गए। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रोडवेज की बस खड़ी है और कुछ लोग बड़े-बड़े ड्रमों में बड़े आराम से तेल ट्रांसफर कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो ये कोई सामान्य काम नहीं, बल्कि रोडवेज की ‘आंतरिक सेवा’ का हिस्सा हो।
‘ओवरटाइम’ करने वाले कर्मचारी का वीडियो वायरल
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर तो जैसे मज़े लेने का मेला लग गया है। एक यूज़र ने व्यंग्य करते हुए लिखा, “रोडवेज को घाटे से उबारने के लिए ओवरटाइम काम करते कर्मचारी का वीडियो वायरल!” और दूसरे ने जोड़ा, “अब समझ आया कि यात्रियों से खचाखच रहने के बावजूद उत्तराखंड रोडवेज क्यों घाटे में चल रही है।” साफ है कि निगम की इस हरकत से जमकर किरकिरी हो रही है।
खुलासा: तेल टैंक का ढक्कन क्यों खुला था?
वीडियो सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं, जिनमें सबसे बड़ा ये है कि आखिर चोरी इतनी खुली छूट के साथ क्यों हो रही थी? क्या यह सिर्फ एक दिन की घटना है, या ‘तेल-सेवा’ का यह काम रोज़ाना की रूटीन में शामिल है? और सबसे खास बात— बस का तेल टैंक आखिर खुला क्यों था? यह सवाल सीधे-सीधे निगम के आंतरिक नियंत्रण और सिक्योरिटी पर उंगली उठा रहा है।
उत्तराखंड परिवहन निगम मुख्यालय, देहरादून ने मामले को ‘बेहद गंभीर’ मानते हुए आखिरकार संज्ञान लिया है। प्रबंध निदेशक (MD) रीना जोशी ने अधिकारियों से पूछा है कि यह खुलेआम चोरी कैसे हो रही है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने बड़े स्तर पर चोरी रोकने के लिए एक अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।
MD जोशी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह न केवल रोडवेज के लिए, बल्कि राज्य सरकार के लिए भी आर्थिक नुकसान है और इसे ‘गंभीर अपराध’ माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कर्मचारी हो या अधिकारी, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। अब देखना यह है कि रोडवेज में लगी यह ‘आंतरिक दीमक’ इस जांच से रुकती है, या फिर ‘तेल की चोरी’ का यह सिलसिला आगे भी चलता रहता है।

