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कसारदेवी की सुरम्य वादियों में लेखनी के कद्रदानों ने की ‘किताबों से दोस्ती’

✒️ बहुचर्चित लेखक अशोक पांडे की 05 पुस्तकों का लोकार्पण

अल्मोड़ा। यहां कसारदेवी में आयोजित ‘किताबों से दोस्ती’ कार्यक्रम के तहत वर्तमान वर्ष में सबसे चर्चित हिंदी लेखक अशोक पांडे द्वारा रचित पांच किताबों का लोकार्पण किया गया। इस मौके पर किताबों पर चर्चा हुई और पाठकों से संवाद सत्र का भी आयोजन हुआ।

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उल्लेखनीय है कि कसारदेवी अपने सुंदर हिमालयाई दृश्यों एवं आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है। ऐसी सुरम्य पहाड़ियों में रविवार के रोज ‘किताबों से दोस्ती’ कार्यक्रम अपने आप में अद्भुत रहा। इस कार्यक्रम में मुख्य रुप से इस साल अपने हिंदी लेखन के लिए सर्वाधिक चर्चित हिंदी लेखक अशोक पांडे बतौर मुख्य लेखक उपस्थित रहे।

इन पांच पुस्तकों का हुआ लोकार्पण

इस दौरान, इस साल आई उनकी 05 किताबों ‘लपूझन्ना’, ‘जितनी मिट्टी उतना सोना’, ‘बब्बन कार्बोनेट’, ‘तारीख़ में औरत’ व ‘विंसेंट’ का लोकार्पण किया गया। इन किताबों पर चर्चा के अलावा लेखक के साथ पाठकों का संवाद सत्र भी हुआ। ज्ञात रहे कि वर्तमान वर्ष में इन किताबों में से कुछ किताबों के चार संस्करण तक छप चुके हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

किताबों के अंशों का किया पाठ

कार्यक्रम के दौरान अशोक पांडे ने अपनी किताबों के कुछ अंशों का पाठ भी किया। साथ ही पाठकों के सवालों का जवाब भी दिया। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी ने शिरकत की। श्री जोशी एनडीटीवी में कार्यरत रहे और वर्तमान में क्विंट न्यूज में हैं। जर्मन रेडियो डॉयचे वेले में जर्मनी में कार्यरत ओंकार सिंह जनौटी भी मौजूद थे। हृदयेश जोशी ने अशोक पांडे की किताबों के जरिए हिमालय और संस्कृति को लेकर जागरूक होने एवं हिमालय में आ रहे बदलावों पर अपनी बात की।

‘अबोड ऑफ द स्नो गोडेस अल्मोड़ा’ का भी विमोचन

जर्मनी से आए ओंकार सिंह जनौटी ने कहा कि अशोक पांडे की किताबों के जरिए घुमक्कड़ी के शौकीन लोगों को हिमालय के रहस्यमई संसार में भी जाने का मौका मिल रहा है। यह किताबें हिमालय को समझने में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रोफेसर सैयद अली हामिद एवं महेंद्र सिंह मिराल ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान अशोक पांडे द्वारा लिखित और अल्मोड़ा के छायाकार जयमित्र सिंह बिष्ट के खींचे गए अल्मोड़ा नगर और जनपद के खूबसूरत स्थलों पर आधारित किताब ‘अबोड ऑफ द स्नो गोडेस अल्मोड़ा’ का भी विमोचन किया गया। इस किताब में जयमित्र सिंह बिष्ट द्वारा अपने फोटोग्राफी कैरियर के पिछले 25 वर्षों का संकलन किया गया है।

कार्यक्रम का संचालन नीरज सिंह पांगती ने किया। अंत में अशोक पांडे को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। ‘किताबों से दोस्ती’ कार्यक्रम का आयोजन अल्मोड़ा किताब घर द्वारा किया गया था। कार्यक्रम के दौरान नगर के प्रशांत बिष्ट, गोपाल बिष्ट, भारत साह, नंदन रावत, महेंद्र सिंह मिराल, सारांश मंगोली, शेखर लखचौरा, शंभू राणा, सुरेश बिष्ट, विजय मेहता, हर्षवर्धन जोशी, वैभव जोशी, इंद्रा बिष्ट, जया बिष्ट, संदीप श्रीवास्तव, गोकुल शाही आदि साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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