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उत्तराखंड का बजट – युवाओं से लेकर रोजगारों तक की गई ये बड़ी घोषणाएं

Uttarakhand Budget 2023-24 | पुष्कर सिंह धामी सरकार ने गांवों और शहरों में सड़कों, अवस्थापना विकास और रोजगार के लिए बजट पोटली खोल दी। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में किसानों, पूर्व सैनिकों, युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों का विशेष ध्यान रखा गया।

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77407.08 करोड़ का राजस्व सरप्लस और कर मुक्त बजट

भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 77407.08 करोड़ का राजस्व सरप्लस और कर मुक्त बजट प्रस्तुत किया। इसमें राजस्व घाटा नहीं है। बजट 4309.55 करोड़ का राजस्व सरप्लस संभावित है। इसमें 9046.91 करोड़ का राजकोषीय घाटा होने का अनुमान है। यह सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.72 प्रतिशत है। आइए जानते हैं बजट के प्रमुख बिंदु :-

बजट के प्रमुख बिंदु :-

➡️ पेंशन व अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों के रूप में 7601.98 करोड़, ऋण देनदारी र 11227.63 करोड़, ब्याज अदायगी पर 6161.40 करोड़ किए जाएंगे खर्च।
➡️ समेकित निधि से घाटा पूरा करने को 600 करोड़ लोक लेखा से होंगे समायोजित, वर्ष की प्राप्तियों एवं खर्च के बाद बजट 181.11 करोड़ धनात्मक रहने का अनुमान।
➡️ एनसीसी कैडेट्स के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना को 50 हजार रुपये बजट।
➡️ सरकारी भर्तियों को जारी रखने का संकल्प, बजट का प्रविधान।
➡️ लखवाड़ परियोजना को पांच करोड़ की राशि।
➡️ मेधावियों को छात्रवृत्ति, बनेंगे उत्कृष्ट क्लस्टर विद्यालय।
➡️ राज्य योग्यता छात्रवृत्ति के लिए पांच करोड़  व बालिका शिक्षा प्रोत्साहन को साइकिल के लिए 15 करोड़।
➡️ रिवेंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत विद्युत हानियां कम करने को लगेंगे स्मार्ट मीटर, 130 करोड़ का प्रविधान।
➡️ राजकीय भवनों में 40 हजार ली. और व्यवसायिक भवनों में तीन लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के सोलर वाटर हीटर लगेंगे।
➡️ लालकुआं-हल्द्वानी-काठगोदाम बाइपास परियोजना की डीपीआर शीघ्र।
➡️ बड़े वाणिज्यिक भवनों में ऊर्जा सेवा कंपनी कार्य माडल के माध्यम से ऊर्जा बचत।
➡️ मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 40 प्रतिशत तक सब्सिडी।
➡️ वित्तीय वर्ष 2023-24 में राजस्व मद के खर्च में वेतन-भत्तों, पेंशन की 83 प्रतिशत भागीदारी।
➡️ राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर 17395.15 करोड़, सहायता प्राप्त शिक्षण व अन्य संस्थाओं के कार्मिकों के वेतन-भतों पर 1424.49 करोड़ होंगे खर्च।

उत्कृष्ट क्लस्टर विद्यालय खोलने के लिए बजट

माध्यमिक शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए उत्कृष्ट क्लस्टर विद्यालय खोलने के लिए धन दिया गया है। प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यानिकी, उद्योग, ऊर्जा एवं पर्यटन के क्षेत्र अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के साथ ही रोजगार के अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में सरकार ने इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है।

रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 521.55 करोड़

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में सड़कों के अनुरक्षण और निर्माण मद में 850.47 करोड़ दिए गए। मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण रोजगार के अवसर बढ़ाने को 521.55 करोड़ खर्च किए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में 18658 आवासों का निर्माण मार्च, 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। माध्यमिक कक्षा के मेधावियों को छात्रवृत्ति देने की घोषणा की गई।

शौर्य स्थल के लिए 20 करोड़

पूर्व सैनिकों को ध्यान में रखकर शौर्य स्थल के लिए 20 करोड़, सैनिक विश्राम गृहों के निर्माण को दो करोड़ समेत कई प्रविधान बजट में किए गए हैं।

वर्कफोर्स डेवलपमेंट के लिए 100 करोड़ की राशि

युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वर्कफोर्स डेवलपमेंट के लिए 100 करोड़ की राशि रखी गई। इससे कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ताओं को अतिरिक्त 1800 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ताओं को व सहायिकाओं को 1500 रुपये अतिरिक्त मानदेय मिलेगा।

पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत आठ करोड़ का बजट

वर्ष 2023-24 में समेकित निधि का घाटा पूरा करने के लिए 600 करोड़ लोक लेखा से समायोजित किए जाएंगे। नए बजट में पूंजीगत परिव्यय में 133.80 करोड़ की वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में यह 21.16 प्रतिशत वृद्धि है। बजट में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान यानी पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत आठ करोड़ का बजट रखा गया है।

उत्तराखंड में मदरसों का होगा आधुनिकीकरण

उत्तराखंड में मदरसों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए मदरसा आधुनिकीकरण योजना चल रही है। योजना के लिए बजट में दो करोड़ की व्यवस्था की गई है। इससे मदरसों में वाटर प्यूरिफायर, फर्नीचर, कंप्यूटर, जनरेटर, पंखे आदि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा जनजाति शोध संस्थान के लिए एक करोड़ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह के विकास के लिए 2.50 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

सितारगंज में प्लास्टिक पार्क के लिए 40 एकड़ भूमि

इसमें 33 हजार व्यक्तियों के रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वृहद श्रेणी के 16 उद्योगों में 3072 करोड़ के प्रस्ताव अनुमोदित किए गए हैं। इनमें 3268 व्यक्तियों को रोजगार मिल सकेगा। उत्तराखंड लाजिस्टिक सुविधाओं के विकास को वित्तीय प्रोत्साहन के प्रविधान किए गए हैं। सितारगंज में प्लास्टिक पार्क स्थापित करने की योजना के तहत 40 एकड़ भूमि में इन्हें विकसित किया गया है।

लाजिस्टिक में वित्तीय प्रोत्साहन के लिए 25 करोड़ की राशि

सिंचाई योजनाओं के संचालन को उपलब्ध 100 वर्गमीटर भूमि पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। औद्योगिक विकास के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय गति शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत लाजिस्टिक में वित्तीय प्रोत्साहन के लिए 25 करोड़ की राशि बजट में रखी गई है। एकल खिड़की व्यवस्था में एमएसएमइ श्रेणी की 1707 परियोजनामें 5321 करोड़ के प्रस्ताव अनुमोदित किए गए हैं।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के लिए बजट

👉 नंदा गौरा योजना के अंतर्गत नए बजट में 282.50 करोड़ की राशि रखी गई है।
👉 मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान योजना के लिए 26.72 करोड़।
👉 मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत 10 करोड़।
👉 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 4.43 करोड़।
👉 राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत 42.43 करोड़।

आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए मिले एक हजार करोड़

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड राज्य में आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए धामी सरकार के बजट में 1 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पैसे से जोशीमठ सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं में लोगों को त्वरित राहत पहुंचाई जाएगी।

जोशीमठ आपदा का जिक्र करते हुए बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि जिला स्तरीय समिति के माध्यम से क्षति का आकलन किया गया है। इसके लिए धामी सरकार की ओर से राहत पैकेज तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। हालांकि यह पैकेज कितने हजार करोड़ का होगा, इसका जिक्र नहीं किया गया है। वहीं, आपदा प्रभावितों को छह माह तक किराये के भवनों में रहने के लिए चार हजार की जगह पांच हजार प्रतिमाह देने और सहकारी बैंकों की ऋण वसूली पर एक साल तक रोक लगाने का जिक्र किया गया है।

चलिए जानते हैं किस मद में कितने बजट का प्रावधान किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के लिए 4217.87 करोड़ का प्रावधान।

➡️ अटल आयुष्मान के लिए रु 400 करोड़ का प्रावधान।
➡️ मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग कॉलेज के निर्माण के लिए 400 करोड़ का प्रावधान

उद्यान विभाग में 815.66 करोड़ का प्रावधान

➡️ पॉलीहाउस के लिए 200 करोड़ का प्रावधान।
➡️ मिशन एप्पल योजना के अन्तर्गत 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

पर्यटन विभाग के लिए 302.04 करोड़ का प्रावधान

➡️ उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन विकास परिषद के लिए 63 करोड़।
➡️ पर्यटन विकास के अवस्थापना निर्माण के लिए 60 करोड़।
➡️ उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन विकास परिषद के लिए 63 करोड़।
➡️ पर्यटन विकास के अवस्थापना निर्माण के लिए 60 करोड़।
➡️ टिहरी झील के विकास के निर्माण के लिए 15 करोड़।
➡️ चार धाम यात्रा/मार्गों पर आधारभूत सुविधाओं का निर्माण व विकास के लिए 10 करोड़।
➡️ पर्यटन विभाग के अंतर्गत चारधाम एवं विभिन्न स्थानों पर भूमि क्रय के लिए 50 करोड़।

उद्योग विभाग के लिए 461.31 करोड़ का प्रावधान

➡️ वर्क फोर्स डेवलपमेंट के लिए 100 करोड़।
➡️ मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान।
➡️ प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट स्टार्टअप और इंटरप्रीनियरशिप योजना के लिए 30 करोड़ का प्रावधान।
➡️ विभिन्न नीतियों के तहत उद्योगों को अनुदान के लिए 26 करोड़।

शिक्षा एवं युवा कल्याण विभाग में 10459.55 करोड़ का प्रावधान

➡️ उत्कृष्ट क्लस्टर विद्यालय के लिए 51 करोड़ का प्रावधान
➡️ मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना में छात्रवृत्ति के लिए 11 करोड़।
➡️ राज्य लोक सेवा आयोग के अंतर्गत 133.53 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
➡️ पीएम श्री योजना के लिए 92.78 करोड़ का प्रावधान।

समाज कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण विभाग के लिए 2850.24 करोड़ का प्रावधान

➡️ निराश्रित विधवा पेंशन के लिए 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
➡️ किसान पेंशन योजना के लिए 35 करोड़ का प्रावधान।
➡️ नंदा गौरा योजना हेतु के लिए 282.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
➡️ मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान योजना के लिए 26.72 करोड़।
➡️ मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए 23 करोड़ का प्रावधान।
➡️ मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के लिए 19.95 करोड़।

कृषि विभाग के लिए 1294.15 करोड़ का प्रावधान

➡️ मिलेट मिशन के लिए 15 करोड़ का प्रावधान।
➡️ स्थानीय फसलों में प्रोत्साहन के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

विकेन्द्रीकृत विकास

➡️ जिला योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू 925.60 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो कि गत वर्ष से लगभग 26 प्रतिशत अधिक है।
➡️ स्थानीय निकायों के समनुदेशन के लिए 3343 करोड़ का प्रावधान है।

लोक निर्माण विभाग के लिए 2791.83 करोड़ का प्रावधान

➡️ रख-रखाव के लिए अनुरक्षण मद में 850.47 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
➡️ नव-निर्माण करने के लिए वृहद्ध निर्माण मद में 1318.30 करोड़ का प्रावधान

ऊर्जा विभाग के लिए 1251.33 करोड़ का प्रावधान

➡️ लखवाड़ परियोजना के अन्तर्गत रू 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सिंचाई विभाग के के लिए 1443:42 करोड़ का प्रावधान

➡️ देहरादून पेयजल के लिए सांग डैम के अंतर्गत 110 करोड़।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

➡️ जोशीमठ व अन्य स्थानों में भू-धंसाव व अंतर्गत राहत कार्य के लिए 1000 करोड़।
➡️ जी-20 समिट के लिए 100 करोड़ का प्रावधान।
➡️ एनसीसी कैडेट का जलपान भत्ता बढ़ाया गया। 15 रुपये प्रति प्लेट से बढ़ाकर भत्ता 45 रुपये प्रति प्लेट कर दिया गया है।
➡️ पोषण शिक्षक प्रशिक्षण पर ध्यान दिया गया है।

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