बागेश्वर: तड़के भरभराकर गिरा मकान, दबे परिवार के तीन सदस्य

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बागेश्वर: तड़के भरभराकर गिरा मकान
बागेश्वर: तड़के भरभराकर गिरा मकान

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। दफौट क्षेत्र स्थित नायल गांव में बुधवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब 4 बजे, जब पूरा गांव गहरी नींद में था, एक आवासीय मकान अचानक भरभराकर ढह गया। इस दर्दनाक घटना में घर के अंदर सो रहे एक ही परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।


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नायल गांव मकान हादसा

घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, नायल गांव निवासी 47 वर्षीय रंजीत, उनकी 33 वर्षीय पत्नी नीमा देवी और उनकी 13 वर्षीय बेटी कोमल अपने घर के अंदर गहरी नींद में सो रहे थे, तभी उनके मिट्टी-पत्थर से बना मकान ढह गया। मकान के ढहते ही बल्लियां और पत्थर उनके ऊपर आ गिरे। मलबे में दबने से तीनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे।

ग्रामीणों ने बिना देर किए बचाव अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत और आपसी सहयोग से उन्होंने मलबे को हटाया और तीनों दबे हुए सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। तीनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि तीनों को मामूली चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। यह एक बड़ा चमत्कार था कि इतनी भीषण दुर्घटना के बावजूद परिवार के तीनों सदस्य गंभीर चोटों से बच गए।

पीड़ित परिवार ने बताया कि दुर्घटना में उनकी दो बकरियां भी मलबे में दब गई थीं, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया।

"बागेश्वर के नायल गांव में मकान ढहने के बाद का दृश्य और बचाव कार्य"
दफौट मकान ढहा

मदद और राहत कार्य

इस हृदय विदारक घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि हरकत में आए। विधायक प्रतिनिधि भास्कर दास और रेड क्रॉस के चेयरमैन इंद्र सिंह फर्स्वाण घायलों का हालचाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे। भास्कर दास ने प्रभावित परिवार के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। वहीं, रेड क्रॉस के चेयरमैन इंद्र सिंह फर्स्वाण ने बताया कि रेड क्रॉस द्वारा पीड़ित परिवार को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

जिला अस्पताल में तीनों का उपचार करने वाले डॉ. चंद्र मोहन भैसोड़ा ने पुष्टि की कि तीनों को मामूली चोटें थीं और उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है।

आगे की कार्रवाई

इस बीच, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जल्द ही राजस्व उप निरीक्षक को मौका मुआयना (स्थल निरीक्षण) के लिए भेजा जाएगा। उनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संभवतः मुआवजे और आवास संबंधी सहायता शामिल होगी।

फिलहाल, पीड़ित परिवार बेघर हो गया है और उन्होंने अपने चचेरे भाई के यहां शरण ली है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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