वन विभाग सक्रिय, तीन दिन में पिंजरा लगाने का आश्वासन
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। नैनीपुल क्षेत्र में इन दिनों कटखने बंदरों के आतंक से ग्रामीणों और राहगीरों में भय का माहौल बना हुआ है। बंदरों के झुंड लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को परेशान कर रहे हैं। स्थिति यह है कि अब लोगों का अकेले आवाजाही करना भी मुश्किल हो गया है। बंदरों के हमले की आशंका के चलते स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।

बताया गया है कि गत दिवस भी एक व्यक्ति पर अचानक बंदर झपट पड़ा। बंदर ने व्यक्ति के साथ काफी आक्रामक व्यवहार किया और उसकी कमीज तक फाड़ डाली। गनीमत रही कि व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई। घटना के बाद से क्षेत्र में बंदरों के आतंक को लेकर लोगों में आक्रोश और भय दोनों है।
स्थानीय लोगों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनूप सिंह जीना ने मामले को प्रमुखता से उठाते हुए डीएफओ नैनीताल तथा वन क्षेत्राधिकारी से वार्ता की। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से नैनीपुल क्षेत्र में बढ़ते बंदरों के आतंक से लोगों को निजात दिलाने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया।
वार्ता के बाद डीएफओ नैनीताल ने क्षेत्र में शीघ्र पिंजरा लगाए जाने की बात कही है। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी नथुवाखान विजय भट्ट ने बताया कि नैनीपुल क्षेत्र में बंदरों की समस्या को लेकर रानीबाग रेस्क्यू सेंटर को कई बार पत्राचार किया जा चुका है।
वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट के अनुसार, रानीबाग रेस्क्यू सेंटर ने तीन दिन के भीतर बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद क्षेत्र में घूम रहे उत्पाती एवं कटखने बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों का आतंक अब केवल फसलों एवं घरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वे राह चलते लोगों पर भी हमला करने लगे हैं। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को लेकर लोगों की चिंता अधिक है। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि पिंजरा लगाने के साथ ही बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई प्रभावी ढंग से की जाए, ताकि समस्या दोबारा न उभरे।
इधर, पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनूप सिंह जीना ने कहा कि नैनीपुल क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा से जुड़ी इस समस्या को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। वन विभाग द्वारा जल्द पिंजरा लगाए जाने का आश्वासन सकारात्मक कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेस्क्यू सेंटर निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई शुरू करेगा और क्षेत्रवासियों को बंदरों के आतंक से राहत मिलेगी।
अब निगाहें वन विभाग की कार्रवाई पर हैं। यदि तीन दिन के भीतर पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू होता है तो इससे नैनीपुल क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।









