अल्मोड़ा: सामाजिक सरोकारों व जनसेवा को समर्पित रहा किशन गुरुरानी का जीवन

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सामाजिक सरोकारों व जनसेवा को समर्पित रहा किशन गुरुरानी का जीवन
सामाजिक सरोकारों व जनसेवा को समर्पित रहा किशन गुरुरानी का जीवन

╰┈➤ निधन की खबर सुनते ही तमाम संगठनों में दौड़ी शोक की लहर


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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: नामी वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनसेवी समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े किशन चंद्र गुरूरानी का असामयिक निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही व्यापारी व सामाजिक संगठनों तथा नगरवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अल्मोड़ा के जिला संघ चालक स्व. गुरूरानी की पहचान सरल, मृदुभाषी एवं​ मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में थी और हर पीड़ित व परेशान व्यक्ति की दिक्कत जानना, उसकी हर संभव मदद करना और मरीजों का नियमित हालचाल जानना सदैव उनकी आदत में शुमार रहा।

स्व. किशन चंद्र गुरूरानी हाल में गिर कर गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे, इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजन उन्हें तत्काल हल्द्वानी ले गए थे, जहां उनका कई दिनों तक उपचार चला। इस बीच तबियत ज्यादा बिगड़ने से उन्हें दिल्ली ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जैसे ही उनके निधन की खबर यहां पहुंची, तो शहर में शोक की लहर फैल गई। स्व. गुरुरानी लंबे समय से आरएसएस से जुड़े रहे और उन्होंने इस संगठन में कई दायित्वों को निर्वहन किया। वह व्यापारी नेता के रूप में भी जाने जाते थे और सदैव व्यापारी​ हितों के लिए सक्रिय रहे। उनका नेत्र आरोग्य समिति से भी नाता रहा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन समिति एवं रेडक्रास सोसायटी में भी दायित्व निभाए। वह सदैव सरल स्वभाव, मृदुवाणी और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने गए। सामाजिक कार्यों में उनकी अत्यधिक रूचि रही। हर रोज जिला अस्पताल में जाकर मरीजों की कुशलक्षेम पूछना और परेशानी जानना उनकी आदत थी। वह संपर्क में आने वाले हर परेशान व जरूरतमंद की समस्या का समाधान के लिए सदैव तत्पर रहते थे।

उनके निधन की खबर सुनते ही आरएसएस स्वयंसेवकों, व्यापारियों समेत राजनैतिक व सामाजिक संगठनों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई। नेत्र आरोग्य समिति एवं उत्तराखंड लोक वाहिनी की ओर से शोकसभा की गई। जिसमें उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए इसे समाज की अपरणीय क्षति बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि किशन गुरुरानी का पूरा जीवन सामाजिक सरोकारों व जनसेवा को समर्पित रहा। इस मौके पर दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। शोकसभा में दयाकृष्ण काण्डपाल, अधिवक्ता जगत रौतेला, जंग बहादुर थापा, बिशन दत्त जोशी, हारिस मुहम्मद, अजय मित्र सिंह बिष्ट आदि शामिल रहे।

पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी ने किशन गुरुरानी के निधन पर गहरा दुख जताया और शोक संदेश में कहा कि उन्होंने सदैव रोगियों व जरूरतमंदों की सेवा की है और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण दायित्वों बखूबी निभाए। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता, जरूरतमंदों और बीमार लोगों की दशकों से सेवा में तत्पर रहे तथा व्यापार मंडल से जुड़े किशन गुरुरानी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। पार्टी ने उनके निधन को अल्मोड़ा के नागरिक समाज की अपूरणीय क्षति बताया है। इधर, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संयोजक पीसी तिवारी ने अपने शोक संदेश में कहा है कि स्व. किशन गुरूरानी बेहद शालीन, सुलझे हुए, संवेदनशील और सहृदय इंसान थे। जरूरतमंदों की मदद और सेवा के प्रति उनका समर्पण उन्हें सबसे अलग पहचान देता था। तिवारी ने कहा कि किशन गुरूरानी के निधन से अल्मोड़ा के नागरिक जीवन को गहरा आघात लगा है। नागरिक समाज को उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।

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