HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: पहाड़ में मैदान का नियम थोपकर सरकार ने दिखाई तानाशाही

अल्मोड़ा: पहाड़ में मैदान का नियम थोपकर सरकार ने दिखाई तानाशाही

✍️ सर्वदलीय संघर्ष समिति ने लगाया आरोप और जताया आक्रोश
✍️ जिला विकास प्राधिकरण का मामला, खिलाफ उठाई आवाज

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जिला विकास प्राधिकरण की खिलाफत जारी है। इसके विरोध में आज भी सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले यहां गांधी पार्क में दो घंटे का धरना दिया गया और डीडीए के खिलाफ आवाज उठाते हुए इसे तत्काल समाप्त करने की पुरजोर मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि यह पहाड़ में यह नियम थोपना सरकार की तानाशाही है।

इस दौरान हुई सभा मेंं वक्ताओं ने सरकार की मनमानी, तानाशाही व अनसुनी पर कड़ा रोष जताया और कहा कि पिछले सात सालों से जनता जिला विकास प्राधिकरण का विरोध कर रही है, इसके बावजूद सरकार के कान में जूं नहीं रेंग रही। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ भौगोलिक एवं धरातलीय स्थिति मैदानी क्षेत्र से भिन्न है। यह सब संज्ञान में होते हुए भी सरकार ने पहाड़ में भी मैदान के नियम लागू कर दिए, जो अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण थोपकर पहाड़वासियों के लिए कई तरह की समस्याएं सरकार ने खड़ी कर दी हैं। वक्ताओं ने सरकार से पुरजोर मांग की कि जिला विकास प्राधिकरण को तत्काल पहाड़ से समाप्त कर नगरीय क्षेत्रों में भवन मानचित्र स्वीकृत करने का अधिकार पूर्ववत नगर निकायों को दिया जाए। धरने में निवर्तमान पालिकाध्यक्ष एवं समिति के संयोजक प्रकाश चंद्र जोशी, हेम चंद्र तिवारी, एमसी कांडपाल, ललित मोहन पंत, आनंदी वर्मा, रोबिन मनोज भंडारी, प्रतेश पांडे, लक्ष्मण सिंह ऐठानी, हेम चंद्र जोशी, चंद्रमणि भट्ट, मनोज सनवाल व सहाबुद्दीन आदि बैठे।

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