सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
यहां संकुल केंद्र सरस्वती शिशु मंदिर जीवनधाम में नई शिक्षा नीति पर एक गोष्ठी आयोजित हुई। जिसमें कहा गया कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को सार्वभौमिक बनाना है और यह नीति बच्चों का सर्वांगीण विकास करेगी।
गोष्ठी का शुभारंभ प्रबंध समिति के अध्यक्ष डा. एसएस पथनी एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य भैरव सिंह कार्की ने मां शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित और पुष्पार्चन कर किया। सर्वप्रथम शिक्षिका पूनम जोशी ने नई शिक्षा नीति की रूपरेखा प्रस्तुत की। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति में वर्ष 2030 तक सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत लाने का लक्ष्य रखा है। इस शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करते हुए सर्वोकृष्ट बनाना है। इस शिक्षा के पश्चात युवाओं के रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी और नई नीति में भारतीय संस्कृति व संस्कारपरक शिक्षा की बात कही गई है। यह नीति बालक के शरीर, मन व आत्मा का सर्वांगीण विकास करने वाली है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा बाल केंद्रित होनी चाहिए, यह बात नई नीति में साफ झलकती है। प्रचार प्रमुख हरीश मेहता, समिति के अध्यक्ष डा. एसएस पथनी ने विचार रखे।
अल्मोड़ा : नई नीति का लक्ष्य शिक्षा को सार्वभौमिक बनाना, जीवनधाम में गोष्ठी
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