समस्तीपुर/बिहार। अग्निपथ के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान समस्तीपुर को दहलाने की साजिश नाकाम हो गई है। बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एसी कोच से संदिग्ध वस्तु बरामद की गई है, चर्चा है कि वह आईडी है। इसी ट्रेन की बोगियों को उपद्रवियों ने आग लगा दी थी। जली हुई बोगियों की जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु बरामद की गई। मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।
एसपी हृदयकांत ने बताया कि ट्रेन की बोगी से जो सामग्री मिली है, उसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही बताया जा सकता है कि उक्त सामग्री विस्फोटक है या कुछ और। दूसरी ओर इस मामले में रेल थाने की पुलिस और आरपीएफ कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है।
शुक्रवार को समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर में लोहित एक्सप्रेस और समस्तीपुर में आउटर पर खड़ी बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ कर आग के हवाले कर दिया था। सूत्रों ने बताया कि बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की जिन बोगियों को उपद्रवियों ने जलाया, उसकी बगल वाली एसी बोगी से आईडी जैसी संदिग्ध वस्तु बरामद की गई है।
जिस कोच से यह मिला है, उसे आग से बचाने के लिए आरपीएफ व रेल पुलिस के जवानों के अलावा घटना देखने गये लोगों ने धक्का देकर हटाने की कोशिश की थी। कोच की जांच के दौरान बरामद वस्तु को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया था।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि समस्तीपुर को दहलाने के लिए ट्रेन में आगजनी से एक दिन पूर्व यानी गुरुवार को शहर के एक खेल मैदान में कुछ लोगों ने बैठक की थी। इसमें उपद्रव की रूपरेखा तैयार की गयी थी।
खबर में बताया गया है कि ये बम इतना शक्तिशाली है कि विस्फोट होता तो न सिर्फ पूरी की पूरी ट्रेन उड़ जाती, बल्कि स्टेशन के आसपास के सारे घर भी क्षतिग्रस्त हो जाते। इसे संयोग ही बताया जा रहा है कि बम विस्फोट में उपद्रवी सफल नहीं हो पाए। समस्तीपुर के खेल मैदान में इस उपद्रव से एक दिन पहले साजिश के लिए बैठक भी हुई थी। इसमें ही पूरी योजना तैयार की गई थी। बिहार में तमाम कोचिंग संचालकों पर भी शक की सूई घूम रही है।