╰┈➤ ‘विरासत हमार अल्माड़’ के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: उत्तराखंड भाजपा के पहले प्रदेश अध्यक्ष एवं अविभाज्य उत्तर प्रदेश के पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. पूरन चन्द्र शर्मा को 30वीं पुण्यतिथि पर याद किया गया। ‘विरासत हमा्र अल्माड़’ के तत्वावधान में शनिवार को नगर निगम सभागार में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें स्व. पूरन चन्द्र शर्मा के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही उनके राजनीतिक, सामाजिक एवं संगठनात्मक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता ने अल्मोड़ा समेत उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में बड़ा योगदान दिया।
गांवों तक पहुंचाई विकास की किरण: गुरुरानी
इस मौके पर ‘विरासत हमा्र अल्माड़’ के प्रमुख एवं कार्यक्रम संयोजक राजीव गुरुरानी ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा का जीवन सादगी, जनसेवा और संगठन के प्रति समर्पण रहा। अल्मोड़ा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने नगर की पेयजल समस्या के समाधान के लिए दूरदर्शी प्रयास किए। गुरुरानी ने कहा कि विधायक और पर्वतीय विकास मंत्री के रूप में स्व. पूरन चंद्र शर्मा ने पहाड़ के दूरस्थ गांवों तक विकास की किरण पहुंचाने का भरपूर प्रयास किया। उनकी सोच थी कि विकास का मतलब सिर्फ शहरों तक सुविधाएं पहुंचाना नहीं, बल्कि गांव-गांव तक मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना है। गुरुरानी ने कहा कि स्व. शर्मा अल्मोड़ा से निर्वाचित होने वाले भाजपा के प्रथम विधायक रहे। उन्होंने पार्टी को मजबूत आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्पष्टवादिता एवं दृढ़ व्यक्तित्व
भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा जैसे लोकप्रिय नेताओं के योगदान को नई पीढ़ी को बताना जरुरी है, ताकि वह प्रेरणा ले। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा नगरपालिका अध्यक्ष रहते स्व. शर्मा स्पष्टवादिता एवं दृढ़ व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। नयाल ने कहा कि भक्तोला सम्मेलन में उत्तराखंड राज्य की मांग को उठाने में भी स्व. पूरन चन्द्र शर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण रही और उनके विचार और कार्य आज भी प्रासंगिक हैं। पूर्व विधायक कैलाश शर्मा ने स्व. पूरन चन्द्र शर्मा का जीवन-वृतांत प्रस्तुत करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व अनुशासनप्रिय और समय का पाबंद था। उन्होंने छात्र जीवन में जेपी आंदोलन का नेतृत्व किया और आपातकाल के दौरान जेल में रहने के दौरान उनकी मुलाकात शोबन सिंह जीना से हुई। इसके बाद वे उनके संपर्क में आए और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कभी भी संगठन में छोटे-बड़े पदों के आधार पर कार्यकर्ताओं के बीच भेद नहीं किया। यही कारण था कि कार्यकर्ताओं के बीच उनका विशेष सम्मान और आत्मीय संबंध रहा।
कार्यशैली से प्रेरणा लेने की जरूरत
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बिपिन भट्ट ने स्व. पूरन चन्द्र शर्मा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आपातकाल और राम जन्मभूमि आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण दौर में अहम् योगदान देने वाले नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को स्मरण किया जाना आवश्यक है। जिन विचारों और भावनाओं के साथ संगठन का निर्माण हुआ, उन मूल भावनाओं को वर्तमान समय की परिस्थितियों के साथ समन्वित करते हुए आगे बढ़ाना जरूरी है। पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा का जीवन संगठन, समाज और कार्यकर्ताओं के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण रहा। ऐसे वरिष्ठ नेताओं की कार्यशैली और उनके संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा का सार्वजनिक जीवन केवल राजनीतिक पदों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने संगठन निर्माण, पर्वतीय विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य किया। उनकी कार्यशैली में स्पष्टवादिता, अनुशासन, दूरदर्शिता और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान प्रमुख रूप से दिखाई देता था। अंत में दो मिनट का मौन रखकर स्व. पूरन चंद्र शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में भाजपा के महामंत्री दर्शन रावत, धर्मेंद्र बिष्ट, महेंद्र रावत, जगत कनवाल, मनीष जोशी, जगमोहन बिष्ट, जगत भट्ट, त्रिलोक राम, हरीश सतवाल, मंडल अध्यक्ष संजय बिष्ट, नवीन बिष्ट, पूर्णानंद शर्मा, नगर अध्यक्ष कमला तिवारी, बीना नयाल, दीपा पांडे, दीपा अधिकारी, ममता साह, ज्योति लटवाल, मीना नेगी, प्रेम लटवाल, आनंद कनवाल, हरीश कनवाल, नमन गुरुरानी,संजय बिष्ट, अर्जुन कनवाल,नीरज सांगा, हिमाल शर्मा, मोहित बिष्ट, पंकज रौतेला आदि मौजूद रहे।


