एसीपी और वेतन विसंगतियों समेत कई मांगें उठाईं
नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ, खंडीय शाखा हल्द्वानी ने खोला मोर्चा
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। लोक निर्माण विभाग के फील्ड कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित विभिन्न समस्याओं को लेकर नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ, खंडीय शाखा हल्द्वानी नैनीताल ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने कर्मचारियों से जुड़ी सेवा संबंधी समस्याओं, आर्थिक लाभों में हो रही देरी तथा विभागीय स्तर पर लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए इनके तत्काल निस्तारण की मांग की है। संगठन का कहना है कि फील्ड कर्मचारी विभाग की कार्यप्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, लेकिन उनके ही सेवा संबंधी मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी से कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस संबंध में संगठन पदाधिकारियों ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन भेजकर कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किए जाने की मांग की है।
एसीपी का लाभ नहीं मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान
संगठन ने कहा कि फील्ड कर्मचारियों को देय एसीपी का लाभ अभी तक प्रदान नहीं किया गया है। लंबे समय से यह लाभ लंबित रहने के कारण संबंधित कर्मचारी अपने वैधानिक सेवा एवं आर्थिक लाभ से वंचित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों की सेवा के बाद मिलने वाले सेवा लाभ यदि समय पर न मिलें तो इसका सीधा असर उनके वेतन और पारिवारिक आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। संगठन ने एसीपी से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार लाभ दिए जाने की मांग की है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों से विभागीय कार्य कराने पर सवाल
संगठन ने विभाग में कार्यरत फील्ड कर्मचारियों से संबंधित कार्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों से कराए जाने की व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जब विभाग में कार्यरत कर्मचारी उपलब्ध हैं तो विभागीय कार्यों के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर निर्भरता की व्यवस्था का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए। इस व्यवस्था से कार्यरत कर्मचारियों के अधिकारों और अवसरों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अधिष्ठान-द्वितीय में देरी से कर्मचारी परेशान
ज्ञापन में अधिष्ठान-द्वितीय से संबंधित कार्यों के निस्तारण में अत्यधिक विलंब का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। संगठन के अनुसार फील्ड कर्मचारियों से संबंधित प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित नहीं किए जाने के कारण कर्मचारियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे न केवल उनका समय और श्रम प्रभावित हो रहा है, बल्कि सेवा संबंधी मामलों में अनावश्यक विलंब भी हो रहा है।
संगठन ने कर्मचारी हित को ध्यान में रखते हुए अधिष्ठान-द्वितीय का वर्तमान चार्ज किसी अन्य अधिकारी को सौंपे जाने की मांग की है, ताकि लंबित प्रकरणों का तेजी से निस्तारण हो सके।
जैम पोर्टल के माध्यम से ही कर्मचारियों को रखे जाने की मांग
संगठन ने शासन द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति/रखे जाने को लेकर जारी आदेशों और निर्देशों का कड़ाई से पालन किए जाने की मांग भी की है। ज्ञापन में कहा गया है कि शासन के निर्देशों के अनुसार विभाग में निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत जैम पोर्टल के माध्यम से ही कर्मचारियों को रखा जाना है और अन्य किसी माध्यम से कर्मचारियों को रखे जाने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। संगठन ने विभागीय अधिकारियों से शासनादेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।
गोपनीय आख्या समय से न भरने से प्रभावित हो रही सेवा कार्रवाई
विभाग में कार्यरत अभिकर्ताओं एवं वरिष्ठ अनुरक्षकों की गोपनीय आख्या समय से नहीं भरे जाने का मामला भी संगठन ने उठाया है। संगठन के अनुसार संबंधित सहायक अभियंताओं द्वारा समय पर गोपनीय आख्या तैयार नहीं किए जाने के कारण कर्मचारियों की सेवा संबंधी कार्रवाई प्रभावित हो रही है। गोपनीय आख्या जैसे महत्वपूर्ण सेवा अभिलेख समय पर तैयार नहीं होने से कर्मचारियों के पदोन्नति, सेवा संबंधी अन्य मामलों तथा विभागीय प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। संगठन ने इस कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने की मांग की है।
वेतन निर्धारण की पुन: जांच कराने की मांग
फील्ड कर्मचारियों के वेतन निर्धारण को लेकर भी संगठन ने सवाल उठाए हैं। संगठन ने मांग की है कि संबंधित कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की पुन: जांच कराई जाए और नियमानुसार सक्षम एवं कार्यरत संबंधित अधिकारी के माध्यम से वेतन निर्धारण पुन: कराया जाए, ताकि किसी कर्मचारी को वेतन संबंधी किसी प्रकार की विसंगति अथवा आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
पुन: सेवारत सुरेश चंद्र जोशी को लेकर मांगा स्पष्टीकरण
ज्ञापन में पुन: सेवारत सुरेश चंद्र जोशी के प्रकरण को भी उठाया गया है। संगठन ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि उन्हें किस आदेश, शासनादेश अथवा कार्यालय आदेश के आधार पर पुन: कार्य पर रखा गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को विभागीय कार्यों में लगाए जाने के लिए किस सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान की गई है।
संगठन ने इस संबंध में पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की है, ताकि कर्मचारियों के बीच उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।
मृतक आश्रित दैनिक वर्कचार्ज कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग
संगठन ने दैनिक वर्कचार्ज मृतक आश्रित कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला भी प्रमुखता से उठाया है। संगठन ने मांग की है कि इन कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए विभागीय स्तर से उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि मृतक आश्रित के रूप में विभागीय सेवा में आए कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला लंबे समय तक लंबित रहना उनके परिवारों के लिए गंभीर आर्थिक और सामाजिक चिंता का विषय है।
ग्रीवांस बैठक में कर्मचारियों से होगी सीधी वार्ता
संगठन ने बताया कि ग्रीवांस बैठक में समस्त कर्मचारी उपस्थित होकर अपनी समस्याओं और मांगों को रखेंगे। बैठक में ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर विभागीय अधिकारियों के साथ वार्ता की जाएगी। संगठन का उद्देश्य है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक प्रकरण पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो।
कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट किया है कि फील्ड कर्मचारी विभागीय कार्यों को धरातल पर संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके सेवा संबंधी प्रकरणों में लगातार देरी और आर्थिक लाभों के लंबित रहने से कर्मचारियों में असंतोष पैदा होना स्वाभाविक है। संगठन ने विभागीय अधिकारियों से कर्मचारी हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी लंबित मामलों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण करने की अपेक्षा की है।
ज्ञापन पर खंडीय अध्यक्ष लाल सिंह भैसोड़ा, संरक्षक हल्द्वानी गोपालदत्त परगाई तथा खंडीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कैंप कार्यालय निर्माण खंड लोनिवि हल्द्वानी अग्री आलम के हस्ताक्षर हैं।


