बदहाल हुआ क्वारब गांव का मोटर मार्ग
सीएनई रिपोर्टर | क्वारब। नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों का सीमावर्ती महत्वपूर्ण मार्ग रखरखाव के महज एक माह के भीतर ही फिर से बदहाल हो गया है। गत जून माह में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत इस मार्ग पर गड्ढा भरान और रखरखाव का कार्य कराया गया था, लेकिन पहली ही बरसात में सड़क की पोल खुल गई। मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जबकि अधिकांश कलमठ (क्रॉस ड्रेनेज) बंद पड़े हैं, जिससे वर्षा का पानी सड़क पर बहकर उसे लगातार नुकसान पहुंचा रहा है।

उल्लेखनीय है कि क्वारब मौना सरगाखेत मोटर मार्ग से क्वारब गांव के लिए लगभग 4 किलोमीटर की पृथक से एक रोड विभाग द्वारा काटी गई है। जिसकी हालत रखरखाव कार्य संपन्न कराने के एक माह के भीतर ही बेहद खराब हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चालकों और राहगीरों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बरसात के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में हुए रखरखाव कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब रही, जिसके कारण सड़क एक महीने भी नहीं टिक सकी।
मोटर मार्ग क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी मार्ग से गांव के लोग आवागमन करते हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने और भूस्खलन की आशंका के कारण इस सड़क का सुचारु रहना अत्यंत आवश्यक माना जाता है, लेकिन वर्तमान स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानियां कई गुना बढ़ा दी हैं।
ग्रामीणों ने दी चेतावनी
सड़क की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण शेर सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह, बलम सिंह, गीता देवी एवं सरुली देवी ने कहा कि यदि सड़क की शीघ्र मरम्मत नहीं कराई गई तो वे मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़क के कारण रोजमर्रा की आवाजाही, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों के आवागमन में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने तथा सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।
विभाग बोला— एक-दो दिन में भेजेंगे जेसीबी
इस संबंध में सीएनई संवाददाता ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के सहायक अभियंता एम.सी. उपाध्याय से बात की। उन्होंने बताया कि अचानक हुई भारी बारिश के कारण सड़क को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि एक-दो दिन के भीतर जेसीबी मशीन भेजकर मार्ग पर दोबारा गड्ढा भरान और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
अब विभाग के दावों पर टिकी ग्रामीणों की नजर
हालांकि विभाग ने शीघ्र मरम्मत का भरोसा दिया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। उनका कहना है कि यदि इस बार भी केवल खानापूर्ति की गई और सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। ऐसे में अब सभी की निगाहें विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



