रामनगर (नैनीताल): उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र में पिछले दिनों ‘कोसी कैफे होमस्टे’ (कोज़ी कैफे) में हुए अनैतिक देह व्यापार और नाबालिगों के शोषण के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। देवभूमि की छवि को धूमिल करने वाले इस प्रकरण में अब पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी मैनेजर को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उक्त होमस्टे को पूरी तरह सील कर उसके लाइसेंस के निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

क्या था पूरा मामला?
घटनाक्रम की शुरुआत अठारह अप्रैल दो हजार छब्बीस को हुई, जब पुलिस को कुछ नाबालिगों की गुमशुदगी की सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर जब पुलिस ने कानिया स्थित कोसी कैफे होमस्टे पर छापा मारा, तो वहां का दृश्य चौंकाने वाला था। पुलिस ने होटल के कमरों से न केवल दो नाबालिग छात्राओं, जो कि स्कूल ड्रेस में थीं को बरामद किया, बल्कि तलाशी के दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और हुक्का भी बरामद हुआ। जांच में यह पाया गया कि होटल संचालक जानबूझकर नाबालिगों को बिना किसी पहचान पत्र और बिना रजिस्टर में प्रविष्टि किए कमरे उपलब्ध करा रहा था।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सख्त कदम उठाए। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों और पीड़िताओं के बयानों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा एक सौ सैंतीस (दो), चौंसठ (एक), पैंसठ (एक) तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) की धारा तीन और चार के तहत अभियोग दर्ज किए गए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस परिसर का उपयोग अवैध गतिविधियों और गंभीर अपराधों को संरक्षण देने के लिए किया जा रहा था।
लेटेस्ट अपडेट: मैनेजर भास्कर जोशी की गिरफ्तारी
मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने होमस्टे के मैनेजर भास्कर जोशी, जो कि अल्मोड़ा के डोलघर का निवासी है, को गिरफ्तार कर लिया है। भास्कर जोशी पर आरोप है कि उसने नाबालिगों के आगमन की सूचना छिपाई और यौन अपराधों में संलिप्त अपराधियों को सहायता प्रदान की। पुलिस द्वारा पकड़े गए अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली गई है। वर्तमान में यह होमस्टे मोहम्मद अदनान द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसके विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस टीम और प्रशासनिक सक्रियता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉक्टर मंजूनाथ टीसी के कुशल निर्देशन में इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस जांच और छापेमारी दल में मुख्य रूप से पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी श्री मनोज कुमार कत्याल, क्षेत्राधिकारी रामनगर श्री सुमित पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रामनगर सुशील कुमार और संबंधित विवेचक शामिल रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पर्यटकों के स्वागत के नाम पर अनैतिक कार्यों को बढ़ावा देने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। जिला पर्यटन अधिकारी को उक्त होमस्टे का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त करने की संस्तुति भेज दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


