HomeUttarakhandNainitalरामनगर: अधिवक्ता मनु अग्रवाल को विधि में Ph.D. की उपाधि

रामनगर: अधिवक्ता मनु अग्रवाल को विधि में Ph.D. की उपाधि

चिकित्सा एवं कानूनी संरक्षण पर किया महत्वपूर्ण शोध

साबरमती विश्वविद्यालय से शोध कार्य पूरा

सीएनई रिपोर्टर, रामनगर। रामनगर के अधिवक्ता मनु अग्रवाल ने विधि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि हासिल करते हुए Ph.D. की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती विश्वविद्यालय से विधि विषय में अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

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मनु अग्रवाल ने “चिकित्सीय एवं विधिक पेशेवरों के लिए विधिक प्रतितोष व्यवस्था तथा क्लाइंट-रोगी के कानूनी संरक्षण हेतु उपायों एवं विधिक समस्याओं का एक अध्ययन” विषय पर शोध किया। यह शोध चिकित्सा और विधिक क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए उपलब्ध विधिक प्रतितोष व्यवस्था, क्लाइंट एवं रोगियों के कानूनी अधिकारों तथा उनके संरक्षण से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और संभावित कानूनी उपायों पर केंद्रित रहा।

डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में पूरा हुआ शोध

अधिवक्ता मनु अग्रवाल के शोध कार्य का निर्देशन साबरमती विश्वविद्यालय के विधि विभाग में सहायक आचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह ने किया। उनके निर्देशन में शोधार्थी ने विषय के विभिन्न कानूनी, व्यावहारिक एवं सामाजिक पहलुओं का अध्ययन करते हुए शोध कार्य को पूर्णता प्रदान की।

Ph.D. की उपाधि प्राप्त करने के बाद मनु अग्रवाल ने अपने शोध-निर्देशक डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह सहित सभी गुरुजनों के प्रति आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से रामनगर के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं विद्वान डॉ. पूरन चन्द्र पाण्डे के मार्गदर्शन, प्रेरणा और निरंतर प्रोत्साहन को अपनी शोध यात्रा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

डॉ. पूरन चन्द्र पाण्डे के मार्गदर्शन को दिया विशेष श्रेय

मनु अग्रवाल ने कहा कि शोध कार्य के दौरान डॉ. पूरन चन्द्र पाण्डे से प्राप्त मार्गदर्शन और प्रेरणा ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके सुझावों एवं सहयोग से शोध को बेहतर दिशा देने में काफी मदद मिली।

विशेष बात यह है कि डॉ. पूरन चन्द्र पाण्डे के Ph.D. शोध का निर्देशन भी डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह ने ही किया था। डॉ. पाण्डे ने वर्ष 2024 में साबरमती विश्वविद्यालय से विधि में Ph.D. की उपाधि प्राप्त की थी। इस तरह मनु अग्रवाल और डॉ. पूरन चन्द्र पाण्डे की अकादमिक यात्रा को एक ही शोध-निर्देशक से प्राप्त मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ती है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी समृद्ध है शैक्षणिक पृष्ठभूमि

अधिवक्ता मनु अग्रवाल की यह उपलब्धि उनकी व्यापक शैक्षणिक यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने विधि के साथ-साथ विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा हासिल की है।

उनकी शैक्षणिक योग्यताओं में एम.कॉम., एम.ए. (राजनीति विज्ञान), एम.ए. (अर्थशास्त्र), एम.ए. (समाजशास्त्र), एम.ए. (पब्लिक हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन), एम.ए. मास कम्युनिकेशन, एम.ए. (मनोविज्ञान), एम.सी.ए., एम.बी.ए., ओ-लेवल, ए-लेवल, एल.एल.बी. तथा एल.एल.एम. जैसी अनेक डिग्रियां एवं उच्च शैक्षणिक योग्यताएं शामिल हैं।

अधिवक्ता साथियों में खुशी का माहौल

विधि के साथ विभिन्न विषयों में अध्ययन और शोध के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए Ph.D. की यह उपलब्धि उनके अकादमिक सफर में विशेष महत्व रखती है। उपाधि हासिल करने पर अधिवक्ता साथियों, सहकर्मियों और क्षेत्र के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।

मनु अग्रवाल की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत शैक्षणिक प्रयासों का परिणाम है, बल्कि विधि एवं न्याय के क्षेत्र में निरंतर अध्ययन, शोध और ज्ञान-विस्तार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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