HomeUttarakhandAlmoraAlmora : तीन जरूरतमंद परिवारों को मिला सुरक्षित आशियाना

Almora : तीन जरूरतमंद परिवारों को मिला सुरक्षित आशियाना

डीएम ने सौंपे जीर्णोद्धार किए मकान

प्लस अप्रोच फाउंडेशन : ‘सपनों का घर’ अभियान

खत्याड़ी के परिवारों के जीवन में लौटी सुरक्षा और उम्मीद

CNE REPORLTER, अल्मोड़ा। स्वतंत्रता दिवस खत्याड़ी क्षेत्र के तीन जरूरतमंद परिवारों के लिए खुशियों और नई उम्मीद का दिन बन गया। लंबे समय से जर्जर और असुरक्षित मकानों में रहने की मजबूरी झेल रहे इन परिवारों को प्लस अप्रोच फाउंडेशन के ‘सपनों का घर, जिससे लोगों के चेहरे पर मुस्कान आए’ अभियान के तहत सुरक्षित आशियाना मिला। अभियान के अंतर्गत तीन मकानों का जीर्णोद्धार एवं आवश्यक निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें बेहतर स्थिति में लाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जीर्णोद्धार किए गए मकान लाभार्थी परिवारों को सौंपे।

ADVERTISEMENTS

यह पहल महज तीन जर्जर मकानों की मरम्मत तक सीमित नहीं रही, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और भरोसा लौटाने का माध्यम बनी। जिन परिवारों के लिए अपने सीमित संसाधनों से मकान की मरम्मत कराना मुश्किल था, उनके लिए अपने घर को फिर से सुरक्षित और रहने योग्य रूप में पाना किसी सपने के साकार होने से कम नहीं रहा।

जर्जर मकानों से मिली राहत, चेहरों पर आई मुस्कान

खत्याड़ी क्षेत्र में लंबे समय से तीन परिवार जर्जर मकानों में रहने को मजबूर थे। मकानों की खराब स्थिति के कारण परिवारों के सामने सुरक्षा की चिंता बनी रहती थी। विशेष रूप से बरसात और खराब मौसम के दौरान उनकी परेशानियां और बढ़ जाती थीं।

प्लस अप्रोच फाउंडेशन ने इन परिवारों की वास्तविक जरूरत को समझते हुए उनके मकानों के जीर्णोद्धार का जिम्मा उठाया। कार्य पूरा होने के बाद जब परिवारों को उनके सुधारे गए घर सौंपे गए तो उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।

एक सुरक्षित घर किसी परिवार के लिए केवल चार दीवारें और छत नहीं होता, बल्कि वह उसके जीवन की सुरक्षा, बच्चों के बेहतर भविष्य, बुजुर्गों की सुविधा और परिवार के सम्मान से जुड़ा होता है। यही वजह रही कि इस पहल का भावनात्मक महत्व भी काफी गहरा रहा।

स्वतंत्रता दिवस पर मिला नई शुरुआत का संदेश

देशभर में जब स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आजादी का पर्व मनाया जा रहा था, उसी दिन खत्याड़ी के तीन परिवारों को असुरक्षित मकानों से राहत मिलना इस पहल को और खास बना गया। लाभार्थियों के लिए यह दिन केवल राष्ट्रीय पर्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके जीवन में एक नई शुरुआत का अवसर भी बन गया।

मकानों के जीर्णोद्धार के बाद परिवारों को अपेक्षाकृत सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध हुआ। लंबे समय से घर की स्थिति को लेकर बनी चिंता के बीच अब उन्हें अपने आशियाने को लेकर भरोसा मिला है।

जिलाधिकारी के मार्गदर्शन ने पहल को दी मजबूती

फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि इस कार्य को पूरा करने में जिलाधिकारी अंशुल सिंह का मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश प्राप्त हुआ। जिलाधिकारी ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए फाउंडेशन से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रयासों की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए किए जाने वाले ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। उन्होंने संस्था से भविष्य में भी इसी प्रकार जरूरतमंद लोगों के सहयोग के लिए कार्य जारी रखने का आग्रह किया।

प्रशासन की ओर से मिले प्रोत्साहन से फाउंडेशन से जुड़े सदस्यों का उत्साह भी बढ़ा। इस पहल ने यह भी दिखाया कि प्रशासनिक मार्गदर्शन और सामाजिक संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से जनहित से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।

मनोज सनवाल के दिशा-निर्देशन में पूरा हुआ कार्य

तीनों मकानों के जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्य को मनोज सनवाल के दिशा-निर्देशन में पूरा किया गया। फाउंडेशन की टीम और सहयोगियों ने योजना को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए।

इस कार्य से जुड़े लोगों ने इसे केवल निर्माण या मरम्मत का काम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना से जुड़ा अभियान बताया। उनका कहना है कि किसी जरूरतमंद परिवार के लिए घर उसके वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ा होता है। ऐसे में जर्जर मकान को सुरक्षित बनाना परिवार को लंबे समय तक राहत देने वाला सहयोग है।

समाजसेवा का ऐसा मॉडल, जिसका असर लंबे समय तक रहेगा

प्लस अप्रोच फाउंडेशन के ‘सपनों का घर’ अभियान की विशेषता यह रही कि सहायता को केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रखा गया। संस्था ने जरूरतमंद परिवारों की वास्तविक समस्या को समझकर सीधे उनके जीवन से जुड़ी जरूरत का समाधान करने का प्रयास किया।

समाजसेवा के अनेक रूपों के बीच किसी परिवार के जर्जर घर को सुरक्षित बनाना ऐसा प्रयास है, जिसका लाभ परिवार को लंबे समय तक मिलता रहेगा। इससे उन्हें तत्काल राहत मिलने के साथ भविष्य को लेकर भी सुरक्षा का अहसास होता है।

क्षेत्रवासियों ने भी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाजसेवा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब सहायता उस व्यक्ति तक पहुंचे, जिसे वास्तव में उसकी आवश्यकता है। खत्याड़ी के तीन परिवारों के लिए किया गया यह कार्य इसी भावना का उदाहरण है।

बच्चों, बुजुर्गों और पूरे परिवार के लिए सुरक्षा का आधार

सुरक्षित घर का महत्व केवल भवन तक सीमित नहीं है। परिवार के बच्चों के लिए यह बेहतर वातावरण देता है, बुजुर्गों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करता है और परिवार के सभी सदस्यों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देता है।

इसी दृष्टि से फाउंडेशन की यह पहल मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने वाली कोशिश के रूप में देखी जा रही है। तीन परिवारों के मकानों का जीर्णोद्धार संख्या में भले ही छोटा प्रयास हो, लेकिन जिन परिवारों के जीवन पर इसका सीधा असर पड़ा है, उनके लिए इसका महत्व बहुत बड़ा है।

समाज के लिए प्रेरणा बन रही पहल

प्लस अप्रोच फाउंडेशन ने इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया कि सामाजिक संस्थाएं यदि अपने संसाधनों और सामर्थ्य का सही दिशा में इस्तेमाल करें तो जरूरतमंद परिवारों के जीवन में ठोस बदलाव लाया जा सकता है।

इस पहल में प्रशासनिक मार्गदर्शन और सामाजिक संस्था के प्रयासों का समन्वय भी देखने को मिला। जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशों के साथ फाउंडेशन की टीम ने कार्य को आगे बढ़ाया और स्वतंत्रता दिवस पर तीनों मकान लाभार्थियों को सौंपे।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस तरह के प्रयास अन्य सामाजिक संस्थाओं और सक्षम लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं। यदि समाज के अलग-अलग वर्ग जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को समझकर उनके साथ खड़े हों तो अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प

फाउंडेशन से जुड़े लोगों के अनुसार ‘सपनों का घर, जिससे लोगों के चेहरे पर मुस्कान आए’ अभियान का उद्देश्य केवल मकानों का जीर्णोद्धार करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन के लिए बेहतर परिस्थितियां उपलब्ध कराना है।

संस्था भविष्य में भी ऐसे परिवारों तक पहुंचने और अपनी क्षमता के अनुसार उनकी सहायता करने के लिए प्रयासरत रहेगी। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि अभियान को आगे बढ़ाकर अल्मोड़ा जिले के अन्य जरूरतमंद परिवारों तक भी इसका लाभ पहुंचाया जाएगा।

इन लोगों का रहा महत्वपूर्ण सहयोग

इस मानवीय पहल को सफल बनाने में आशीष वर्मा, ललित लटवाल, रवि रौतेला, बी.एस. मनकोटी, डॉ. जी.सी. दुर्गापाल, गिरीश खोलिया, विनीत बिष्ट, अमित साह मोनू, अभिषेक जोशी, मनोज भंडारी, हरीश कनवाल, आनंद कनवाल, राजेश भोज सहित अनेक लोगों का सहयोग रहा।

फाउंडेशन की पूरी टीम ने योजना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्षेत्रवासियों ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा और खुशी लौटाने वाले ऐसे प्रयास समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।

खत्याड़ी के तीन परिवारों के लिए प्लस अप्रोच फाउंडेशन का ‘सपनों का घर’ अभियान अब उम्मीद और सुरक्षा का घर बन चुका है। स्वतंत्रता दिवस पर मिला यह सुरक्षित आशियाना इन परिवारों के लिए लंबे समय तक उस दिन की याद दिलाता रहेगा, जब उनके जर्जर घर फिर से रहने लायक बने और उनके चेहरों पर सच्ची मुस्कान लौटी।

ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments