HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: जिले में 25 हेक्टेअर क्षेत्र रामकेला आम से होगा आच्छादित

अल्मोड़ा: जिले में 25 हेक्टेअर क्षेत्र रामकेला आम से होगा आच्छादित

╰┈➤ स्वतंत्रता दिवस पर समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ पौधों का वितरण

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जनपद अल्मोड़ा में 25 हेक्टेअर क्षेत्रफल रामकेला आम से आच्छादित होगा। जिसमें करीब ढाई हजार आचारी आम की खेती होगी। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस आचारी आम के पौधों का स्वयं सहायता समूहों को वितरण किया गया। यह कदम जिला योजनातर्गत जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में उठाया गया है। ग्राम्य विकास विभाग के सहयोग से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग अल्मोड़ा ने समूहों की महिलाओं को रामकेला आम का वितरण किया और पौध प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम के तहत विकासखंड हवालबाग में 205, द्वाराहाट में 100 तथा लमगड़ा में 300 रामकेला आम के पौधों का वितरण किया गया। आगामी कुछ दिनों में चरणबद्ध रूप से कुल 2500 रामकेला आम के पौधों का वितरण करने का लक्ष्य रखा है। इन पौधों के रोपण से जनपद अल्मोड़ा में लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित होने की संभावना है। यहां उल्लेखनीय है कि रामकेला आम अपनी विशेषताओं के कारण अचार निर्माण के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है। महिलाओं को पौध वितरण के साथ पौधों के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं देखभाल का प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक गौरी दत्त जोशी ने पौध रोपण, गड्ढा तैयारी, सिंचाई, खाद एवं उर्वरक प्रबंधन, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा पौध संरक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की गई। इस मौके पर दर्जा राज्य मंत्री गंगा बिष्ट व खंड विकास अधिकारी संतोष जेठी भी मौजूद रहे।

इधर, मुख्य उद्यान अधिकारी ने बताया है कि आगामी चरण में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रामकेला आम से अचार बनाने एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जनपद में गेंदा एवं अन्य पुष्पों की खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है। आगामी दिनों में आसपास के मंदिरों एवं ग्राम क्षेत्रों की महिलाओं को 25,000 से अधिक गेंदा पौधों के वितरण की योजना है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को उद्यानिकी, पुष्प उत्पादन, प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन से जोड़कर ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित करना है।

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