HomeUttarakhandAlmoraकविता — मान बढ़ा, स्वाभिमान बढ़ा, 'हिंदी' का तू अभिमान बढ़ा

कविता — मान बढ़ा, स्वाभिमान बढ़ा, ‘हिंदी’ का तू अभिमान बढ़ा

ADVERTISEMENTS

मान है, अभिमान है, हिंदी की एक अलग पहचान है।
माथे पर बिंदी, सुर से हिंदी मातृभाषा की शान है हिंदी।
चमकता माथा हिंदी का, हिंदुस्तां की गाथा का।
भाषा हिंदी सरलता वाली, सर्वोच्च शिखर पर चलने वाली।

हर पग—पग पर बोली जाती है, जब​ हिंदी की बारी आती है।
हिंदी—हिंदी अब सबकी हिंदी।
देश—विदेश और गली मौहल्ले।
मान बढ़ा और सम्मान बढ़ा, हिंदी का तू अभिमान बढ़ा।

65 साल के मैराथन मैन महिपाल सिंह
65 की उम्र में शुगर को दी मात!
देखें 'फिट दादाजी' की पूरी कहानी (आवाज़ के साथ)

हिंदी से ही देखो हिंद बना, हिंदी में ही वो अब ढल सा गया।
जग—जग उजियारा दुनिया में सारा।
बहती देखो हिंद की धारा।
सिरमौर है हिंदी भाषा की सरल उच्च विचारों की।

बूढ़े बच्चे और नौजवान, हिंदी से ही अब सबकी पहचान।
बिन हिंदी के मैं हुआ अधूरा, अब जीवन में हुआ नया सवेरा।
हिंदी है जग की जानी—पहचानी।
शुद्ध, सरल फिर अद्भुत कहानी।

जहां शब्दों का समावेश है।
हिंद का तो ही वही परिवेश है।
विस्तृत जिसका रूप है वह हिंद का ही तो स्वरूप है।
मान है अभिभान है हिंदी की एक अलग ही पहचान है।
हम सबकी शान है हिंदी, देखो सबकी पहचान है हिंदी।

  • कवि — कमल गोस्वामी, थाना बाजार, कोतवाली अल्मोड़ा
ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments