उत्तराखंड किकबॉक्सिंग संघ ने जताई खुशी
जूनियर एवं सीनियर राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता
जयपुर : राजस्थान के राम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य का नाम रोशन किया है। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन शुक्रवार से रविवार तक किया गया, जिसमें देश भर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। उत्तराखंड के सात खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और कई पदक अपने नाम किए।



उत्तराखंड किकबॉक्सिंग के अध्यक्ष दीपक पांडे ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उत्तराखंड राज्य के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। हमारे खिलाड़ियों ने न केवल प्रतियोगिता में भाग लिया, बल्कि कड़े मुकाबले में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए राज्य की झोली में कई पदक डाले।
खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन: किसने कौन सा पदक जीता
प्रतियोगिता के विभिन्न इवेंट्स में उत्तराखंड के जांबाजों ने सोने, चांदी और कांसे के पदकों पर कब्जा जमाया। पदक विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
- गौरव डोगरा: दो स्वर्ण पदक
- प्रियांशु मौलिखी: दो स्वर्ण पदक
- भास्कर सिंह गौड़: एक स्वर्ण और एक रजत पदक
- यश गुरुरानी: एक स्वर्ण और एक रजत पदक
- प्रार्थना बिष्ट: एक स्वर्ण और एक रजत पदक
- कार्तिक डोगरा: एक स्वर्ण और एक रजत पदक
- प्रतीक बिष्ट: एक रजत और एक कांस्य पदक
कड़ी मेहनत का परिणाम और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर नजर
उत्तराखंड टीम के मुख्य कोच सौरभ गौड़ एवं कोच जितेन्द्र सिंह बिष्ट ने खिलाड़ियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि बच्चों की कड़ी मेहनत और खेल के प्रति सच्ची लगन की वजह से ही यह ऐतिहासिक सफलता संभव हो पाई है। उन्होंने आगे बताया कि यह सफर यहीं नहीं रुकेगा; ये प्रतिभावान खिलाड़ी आगामी समय में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश और राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
चारों ओर से मिल रही हैं शुभकामनाएं
राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का मान बढ़ाने वाले इन सभी खिलाड़ियों की जीत पर उनके गृह राज्यों में खुशी का माहौल है। सभी पदक विजेताओं के परिजनों, स्कूल के शिक्षकों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है। साथ ही, सभी ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई है कि वे आगे भी इसी तरह सफलता के झंडे गाड़ते रहेंगे।


