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2026-27 के लिए अल्मोड़ा जिला योजना का पिटारा खुला: 74.73 करोड़ का परिव्यय स्वीकृत

✿ जिला योजना की बैठक में प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत बोले:- त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्य हों

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा:​ जिला योजना अल्मोड़ा की संरचना में 74.73 करोड़ रुपये का परिव्यय स्वीकृत हुआ। सोमवार को यहां विकास भवन सभागार में जनपद के प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह परिव्यय अनुमोदित​ किया गया। प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सभी विभाग प्राप्त प्रस्तावों को जिला प्लान में शामिल करते हुए त्वरित एवं गुणवत्ता के साथ कार्य करें। (आगे पढ़ें)

बैठक में अनुमोदित परिव्यय में 5713.70 लाख रुपए सामान्य, 1737.30 लाख रुपए एससीएसपी तथा 22.70 लाख रुपए टीएसपी के लिए शामिल हैं। जिला योजना के अध्यक्ष समेत उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विभागों को आवंटित धनराशि पर सहमति जताई। वित्तीय वर्ष में 1230 लाख रुपए जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग के लिए 1060 लाख रुपए, प्रांतीय रक्षक दल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 500 लाख रुपए, पर्यटन विभाग के लिए 350 लाख रुपए, चिकित्सा एवं स्वास्थ 300 लाख रुपये, पेयजल निगम के लिए 580 लाख रूपये, कृषि विभाग के लिए 320 लाख रुपए, पशुपालन विभाग के लिए 355 लाख रुपए सहित अन्य विभागों के लिए धनराशि अनुमोदित की गई है। जिस पर जनप्रतिनिधियों ने हर्ष व्यक्त किया। साथ ही जनपद की जनसांख्यिकी एवं भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार जिला योजना का बजट बढ़ाने की बात कही। (आगे पढ़ें)

इससे पहले बैठक में पहुंचने पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। तत्पश्चात मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने जिला योजना वर्ष 2026-27 की विभागवार आवंटित धनराशि का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने जिला योजना से संबंधित विविध प्रावधानों पर प्रकाश डाला। बीते वित्तीय वर्ष के नवाचारों एवं कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की। प्रभारी मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें एवं जिला योजना की धनराशि को जनपद के विकास के लिए ही खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला योजना में सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को बजट के अनुसार लिया जाए। किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ भेदभाव नहीं होने पाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों का जवाब जरूर दिया जाए। जनप्रतिनिधियों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के संबंध में उन्हें जरूर अवगत कराया जाए। (आगे पढ़ें)

उपस्थित विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं को भी बैठक में रखा तथा उस पर त्वरित कार्यवाही की मांग की। जिसके निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित संज्ञान लें, जब कोई आम नागरिक फोन करता है, तो उसका जवाब अनिवार्य रूप से दिया जाए। बैठक में विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, रानीखेत विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, विभिन्न ब्लॉक प्रमुख, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी रेनू भंडारी समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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