रातभर डटी रही वन विभाग की टीम
सिरसा/खीनापानी: स्थानीय वन क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आग की लपटों और धुएं के गुबार के कारण आस-पास के इलाकों में दहशत का माहौल है। प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, इस आग के पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम भारी मशक्कत के साथ मौके पर मोर्चा संभाले हुए है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, तोक खीनापानी के घने वन क्षेत्र में दो दिन पहले अचानक आग सुलग उठी। देखते ही देखते सूखी पत्तियों और तेज हवाओं के कारण आग ने एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह आग प्राकृतिक नहीं है, बल्कि किसी अज्ञात शरारती तत्व द्वारा जानबूझकर लगाई गई है। इस आगजनी के कारण बहुमूल्य वन संपदा, जड़ी-बूटियों और छोटे वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुंचने का अनुमान है।
आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ब्रजेश विश्वकर्मा और संजय विश्वकर्मा ने मामले को बेहद संजीदगी से लिया। उनके तत्काल निर्देशों पर वन कर्मियों की एक विशेष त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना की गई। दोनों अधिकारियों द्वारा स्थिति की पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही है।
रात के अंधेरे में भी डटे रहे जांबाज, आग बुझाने का प्रयास जारी
भौगोलिक परिस्थितियों के कठिन होने और रात के अंधेरे के बावजूद वन विभाग की टीम पीछे नहीं हटी। देर रात तक पूरी टीम मौके पर डटी रही और आग की लपटों पर काबू पाने का प्रयास करती रही।
आग बुझाने के इस बेहद जोखिमभरे अभियान में ग्राउंड जीरो पर मुख्य रूप से निम्नलिखित वन कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर मोर्चा संभाले हुए हैं:
- दीवान बिष्ट (वाचर): टीम की अगुवाई करते हुए आग के स्रोतों को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
- मोहन बिष्ट (फायर वाचर): अपनी तकनीकी विशेषज्ञता के साथ आग को रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ने से रोक रहे हैं।
- धर्म श्रमिक: स्थानीय स्तर पर आग को आगे फैलने से रोकने के लिए ‘फायर लाइन’ बनाने और मिट्टी-पानी का छिड़काव करने में मुस्तैदी से लगे हैं।
वन विभाग की अपील और आगामी कार्रवाई
वन विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जंगलों को आग से बचाने में सहयोग करें। यदि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को वन क्षेत्र में आग लगाते या घूमते देखा जाए, तो तुरंत इसकी सूचना विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पहली प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाना है, जिसके बाद आग लगाने वाले शरारती तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


