╰┈➤ पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपे स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन
╰┈➤ कल से बांहों में काले फीते बांधकर खीचेंगे सरकार का ध्यान
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड के आह्वान पर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन के बैनर तले अल्मोड़ा जनपद के फार्मेसी अधिकारी चरणबद्ध आंदोलन को सफल बनाने पर जुटे हैं। इसी क्रम में आंदोलन के तीसरे चरण में सोमवार को संगठन के जिलाध्यक्ष डीके जोशी व जिलामंत्री रजनीश जोशी ने जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे। ये ज्ञापन उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित हैं।
ज्ञापन में संवर्ग में पदोन्नति के मौके नहीं होने की दशा में प्रथम एसीपी के रूप में पदोन्नति के पद का वेतनमान देने की मांग शामिल है, जो 10, 16 व 26 वर्ष की सेवा पर मिले। इसके अलावा स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के लिए पूर्व सृजित 391 पदों को पुनर्जीवित करने, जनहित में फार्मेसी प्रेक्टिस रेगुलेशन एक्ट 2015 को शीघ्र लागू करने, उड़ीसा व आसाम की तर्ज पर उत्तराखंड में भी अस्पतालों में चिकित्सक की गैर हाजिरी में सूचीबद्ध औषधियां रोगियों को प्रदान करने के लिए अधिकृत करने की मांग शामिल है। कहा गया है कि कई बार अस्पतालों में चिकित्सक के प्रशिक्षण, अवकाश, चिकित्सा अवकाश, उपार्जित अवकाश, चारधाम यात्रा मार्ग ड्यूटी, राजकीय कार्य से चिकित्सालय से बाहर जाने से मरीजों को परेशानी होती है। इसके अलावाव कई बार आपदा, खेल ड्यूटी, मेला ड्यूटी, कैलाश मानसरोवर यात्रा आदि में फार्मेसी अधिकारी के अकेले रहने पर ऐसी जरूरत पड़ती है। ज्ञापन में चारधाम यात्रा मार्ग ड्यूटी के देयकों व व्यवस्थाओं में सुधार की मांग भी शामिल है।
सभी जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया वे अपने अनुमोदन के साथ स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। आज विधायक मनोज तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, दर्जा राज्यमंत्री गोविंद पिल्खवाल, मेयर अजय वर्मा व दर्जा राज्यमंत्री कुंदन लटवाल को ज्ञापन सौंपे गए। अब अगले चरण में पहली सितंबर यानी कल से 15 सितम्बर तक सभी फार्मेसी अधिकारी, मुख्य फार्मेसी अधिकारी व जिला फार्मेसी अधिकारी काला फीता बांधकर विरोध दर्ज करेंगे।





