╰┈➤ अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष डीके जोशी बोले➤ जिले में सफल बनाए जाएंगे संघर्ष के चरण








सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: कई बारगी शासन-प्रशासन और सरकार से अनुनय-विनय की गई। कुछ सकारात्मक सुनवाई होगी, इसका इंतजार किया गया। मगर लंबा समय बीत जाने के बावजूद पांच लंबित मांगों के मामले में ‘ढाक के तीन पात’ वाली कहावत चरितार्थ हुई है। बस यही वजह है कि उत्तराखंड के फार्मेसी अधिकारी एक बार फिर आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। इंतजार का कोई प्रतिफल नहीं मिलता देख अब डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड का धैर्य जवाब देने लगा है और संगठन की उच्चाधिकार समिति ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान कर दिया है। (आगे पढ़िये…)

डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन उत्तराखण्ड के उक्त उच्चाधिकार समिति की बीते 02 अगस्त 2026 को एक वर्चुअल बैठक हुई थी। जिसमें संगठन की 05 मुख्य मांगों के लिए चरणबद्ध आंदोलनात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय की जानकारी एसोसिएशन के अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष डीके जोशी ने दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशन में अल्मोड़ा जनपद में प्रस्तावित आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को पूरी तरह सफल बनाया जाएगा। (आगे पढ़िये…)
इस क्रम में चलेगा आंदोलन
★ 17 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक संगठन के ब्लॉक, जिला, मंडल व प्रदेश इकाईयों के पदाधिकारी उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर महासंघ स्तर की मांग के लिए व्यापक संघर्ष का अनुरोध करेंगे।
★ 20 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक तक संगठन के ब्लॉक पदाधिकारियों से लेकर प्रदेश पदाधिकारी 05 सूत्रीय मांगों की पूर्ति के लिए स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव व स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र प्रेषित करेंगे।
★ 26 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक मण्डलीय, जनपदीय एवं ब्लॉक पदाधिकारी अपने-अपने संपर्कों का प्रयोग कर मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्षों व अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री को पत्र प्रेषित करेंगे।
★ 01 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक संगठन के समस्त सदस्य काला फीता बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे।
★ इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने की दशा में संगठन समीक्षा बैठक करेगा और आंदोलन के द्वितीय चरण की रणनीति तय करेगा। यदि स्वास्थ्य मंत्री से बैठक इत्यादि के बाद आंदोलन के संबंध में कोई भावी निर्णय होता है, उसके बाद उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक कर अगला निर्णय लेगी। फिलहाल प्रदेश नेतृत्व द्वारा सभी जिला इकाईयों से आंदोलन के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कहा गया है। इसी क्रम में अल्मोड़ा समेत अन्य जिलों व ब्लाकों से उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन को पत्र प्रेषित किए जा रहे हैं। (आगे पढ़िये…)
इन मांगों के लटकने से उभरा आक्रोश
1— एमएसीपी के तहत 10, 16, 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति के पद का वेतनमान दिया जाए।
2— संवर्ग के समाप्त हुए 391 पदों को पुनर्जीवित किया जाए।
3— आसाम व अन्य राज्यों की तरह चिकित्सालय और अन्य स्थानों जैसे वीआईपी, चारधाम और खेल ड्यूटियों या चिकित्सक की गैरहाजिरी में फार्मेसी अधिकारी को चुनिंदा औषधियां लिखने का अधिकार दिए जाएं।
4— पीपीआर 2015 को लागू किया जाए।
5— चारधाम यात्रा मार्ग में ड्यूटी को सुलभ बनाने के लिए ठोस कार्य किए जाएं।
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