╰┈➤ अल्मोड़ा के ‘होटल मिलन इन’ में गूंजी सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों की आवाज








सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी समिति अल्मोड़ा का 14वां वार्षिक सम्मेलन सोमवार को ‘होटल मिलन इन’ में धूमधाम के साथ मनाया गया। जिसमें संगठनात्मक बिंदुओं पर मंथन के साथ ही तमाम स्थानीय समस्याओं के बने रहने पर चिंता जताई गई और केंद्रीय कर्मचारियों के हितों की नौ सूत्रीय मांगें उठाई गई। इसके साथ ही अल्मोड़ा-पिथौरागढ़-बागेश्वर रेल मार्ग की मांग की अनसुनी पर बेहद नाखुशी जताई गई। (आगे पढ़ें)


सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से किया गया। इसके बाद कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत के सभी केन्द्रीय कर्मचारियों के हितों के लिए नौ सूत्रीय मांगों के प्रस्ताव पारित करते हुए उन्हें स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री को प्रेषित किया गया। इस मौके पर सर्वप्रथम संगठन के वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य नवीन चंद्र जोशी को 80 साल की उम्र पूरी होने पर बधाई दी गई और उनके स्वस्थ, सुखी जीवन व दीर्घायु होने की कामना की गई। सम्मेलन में संगठन के आय व्यय का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। वहीं अब तक की उपलब्धियों से सदस्यों को अवगत कराया। सम्मेलन में समिति के अध्यक्ष डा.पीसी जोशी, उपाध्यक्ष आरपी जोशी, सचिव चंद्रशेखर सिंह सिराड़ी, कोषाध्यक्ष एमडी कांडपाल, संगठन सचिव दीवान सिंह, सह सचिव विशन सिंह बिष्ट, नारायण दत्त पांडे, रमेश चंद्र तिवारी, नवीन चंद्र जोशी समेत बड़ी संख्या में पूर्व केंद्रीय कर्मचारी शामिल रहे। अंत में राष्ट्रगान के साथ सम्मेलन का समापन हुआ। इस उपलक्ष्य में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। (आगे पढ़ें)
प्रधानमंत्री को प्रेषित मांगें
★ वेतन आयोग में सेवानिवृत्त केन्द्रीय कर्मचारियों की ओर से भी एक सदस्य रखा जाय, ताकि आयोग के समक्ष केंद्रीय कर्मचारियों की समस्याएं प्रमुखता से रखी जा सके।
★ जहां सीजीएचएस सेवाएं नहीं हैं, वहां सेवानिवृत्त केन्द्रीय कर्मचारी को 1000 से बढ़ाकर 4000 मेडिकल एलाउंस दिया जाए और सभी सरकारी चिकित्सालयों एवं मेडिकल कॉलेजों को सीजीएचएस के तहत इलाज करने के लिए अधिकृत किया जाए।
★ पेंशन में 80 साल की उम्र में 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी के स्थान पर हर वर्ष 2.5 प्रतिशत की दर से पेंशन में वार्षिक बढ़ोत्तरी की जाए, जिससे सौ साल स्वतः ही पेंशन दोगुनी हो जायेगी अथवा पंजाब सरकार की भांति प्रत्येक 5 वर्ष के अन्तराल पर 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाय।
★ सभी सेवानिवृत केन्द्रीय कर्मचारियों/पैरामिलट्री से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समान पद समान पेंशन दी जाए।
★ न्यायालयों के निर्णयों का सम्मान करते हुए कौम्यूटेशन की अवधि 15 वर्ष की जगह 12 वर्ष की जाए।
★ सेवारत केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति प्रतिवर्ष सेवानिवृत केन्द्रीय कर्मचारियों को भी बोनस दिया जाय।
★ सीनियर सिटिजन/पेंसनर्स को आयकर के नए फार्मुले में 7 लाख की जगह 8 लाख तक की छूट दी जाए और स्टैण्डेड डिडेक्शन 75 हजार की जगह 1 लाख की जाए।
★ सीनियर सिटीजन/पेंशनरों को रेल भाड़े में छूट दी जाए। (आगे पढ़ें)
ये लोकल समस्याएं चर्चा में रहीं
अल्मोड़ा शहर में गैस होम डिलीवरी, पार्कों के रखरखाव व कूड़ा निस्तारण, बंदरों व आवारा पशुओं, मजदूरों का रेट निर्धारण, सड़कों के गड्ढों व नालों, फूटपाथों से पार्किंग हटाने, शहर में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने, पेयजल, बरसाती पानी की उचित निकासी, ई—रिक्शों के संचालन, मुख्य पटाल बाजार में दुपहिया वाहनों के संचालन पर रोक लगाने आदि से संबंधित दर्जनों मांगों पर चर्चा हुई। (आगे पढ़ें)
पहाड़ में रेल मार्ग पर दिया जोर
समिति द्वारा पूर्व में बैठे गए पत्रों/ज्ञापनों के बावजूद भी काठगोदाम से अल्मोड़ा, बागेश्वर व पिथौरागढ़ की ओर रेल लाइन बिछाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठने पर नाराजगी जताई गई। इस संबंध में समिति प्रधानमंत्री, रेल मंत्री व केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा को ज्ञापन भेज चुकी है। समिति का कहना है कि अल्मोड़ा जिला सीमांत जिला पिथौरागढ़-धारचूला से जूड़ा है और इस कारण काठगोदाम से अल्मोड़ा का सड़क मार्ग में हर साल कैंचीधाम क्वारब में बड़ी बाधा से यात्रियों को आने जाने में कई समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। इसलिए आवागमन की सुविधा को बेहतर बनाया जाना आवश्यक है। समिति का कहना है कि यातायात में बाधा के कारण यहां की जनता मंहगाई का सामना करने को मजबूर है। इस विकास युग में अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में रेल लाईन बिछाई गयी है, उसी प्रकार काठगोदाम से आगे अल्मोड़ा-पिथौरागढ़-बागेश्वर की ओर जनहित में रेल लाईन बिछाई जानी चाहिए, ताकि वर्तमान में हो रही समस्या से बचा जा सके।
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