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“मैं सिर्फ उसे डराना चाहता था, मारने का इरादा नही था।” लॉकअप में फूट—फूट कर रोया पद्मश्री सुशील कुमार, फांसी या उम्र कैद की हो सकती है सजा

सीएनई रिपोर्टर

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दिल्ली। ”मैं उसे सिर्फ डराना चाहता था, मुझे नही पता था कि ज्यादा पिटाई से उसकी मौत हो जायेगी। इसीलिए सारी घटना का वीडियो भी बनाया।” यह कहना था पहलवान सागर धनकड़ की हत्या के आरोप में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये पद्मश्री व राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड से नवाजे गये सुशील कुमार का।

आपको याद दिला दें कि दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में गत 4 मई की रात सुशील कुमार व उसके साथियों ने सागर की पीट—पीटकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद से सुशील कुमार अचानक गायब हो गया था।

जेल की सलाखों के पीछे जैसे ही सुशील कुमार पहुंचा वह फूट—फूटकर रोने लगा। उस पर अपहरण, कत्ल व अपराधिक साजिश रचने के गम्भीर आरोप लगे हैं। ऐसे में उसे उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है।

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बताया जा रहा है कि लॉकअप में घुसते ही सुशील कुमार बहुत रोने लगा। बार—बार अपनी गलती का पश्चाताप भी कर रहा है। पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी पूछताछ के दौरान उसे पूरी रात सोने नही दिया। उसने खाना खाने से भी मना कर दिया। उसके साथी अजय ने भी रात कुछ नही खाया।

क्राइम ब्रांच को पहलवान सुशील ने बताया कि वह तो सागर को सिर्फ डराना चाहता था, एक खौफ पैदा करने का उसका इरादा था, हत्या का नही था, लेकिन ज्यादा चोट लगने से सागर की मौत हो गई।

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ज्ञात रहे कि पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड के आरोपी सुशील कुमार को ढूंढने में पुलिस की 15 टीमें लगाई गई थीं। शनिवार रात को पुलिस ने मोहाली में सुशील व उसके साथी अजय सहरावत को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था।

वापस ली जा सकती है उपाधि
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने हत्याकांड के आरोपी सुशील कुमार से पद्मश्री, राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार वापस लेने की मांग की है। समझा जा रहा है कि जल्द ही न्यायालय से दोष सिद्ध होने पर उससे यह वापस लिए जाते हैं। वहीं कत्ल किये गये सागर राणा की मां सविता ने भी सरकार से सुशील कुमार के सारे मेडल वापस लेने की मांग की है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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