ब्रेकिंग: दवा छिड़काव के बाद हाथ नहीं धोना बना जानलेवा

👉 उपचार के दौरान एक मजदूर ने तोड़ा दम, दूसरा स्वस्थ👉 कीटनाशक दवा के हाथों से खा लिये बिस्कुट व सुर्ती👉 आशा कार्यकर्ती ने लगाया…

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👉 उपचार के दौरान एक मजदूर ने तोड़ा दम, दूसरा स्वस्थ
👉 कीटनाशक दवा के हाथों से खा लिये बिस्कुट व सुर्ती
👉 आशा कार्यकर्ती ने लगाया फांसी का फंदा, मौत

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: नगर के घटबगड़ वार्ड में दवा का छिड़काव के बाद हाथ नहीं धोना दो मजदूरों को भारी पड़ गया। उन्होंने बिना हाथ धोये बिस्कुट और सुर्ती खा ली। इतने में ही दोनों की तबियत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां एक को भर्ती किया गया। भर्ती मजदूर की शनिवार को मौत हो गई है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

कोतवाल कैलाश नेगी ने बताया कि शनिवार की सुबह उन्हें जिला अस्पताल से सूचना मिली कि एक मजदूर की उपचार के दौरान मौत हो गई है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। उन्हें जानकारी मिली की घटबगड़ वार्ड में दो मजदूरों मशरूम की खेतों दवा का छिड़काव किया। इसी दौरान बगैर हाथ धोए उन्होंने सुर्ती बनाई और मुंह में डाली। सुर्ती मुंह में डालते ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां 31 वर्षीय प्रदीप निवासी घटबगड़ वार्ड तथा 34 वर्षीय अनिल निवासी द्यांगण का उपचार किया गया। उपचार के बाद अनिल को घर भेज दिया, जबकि प्रदीप को भर्ती किया गया है। जहां उपचार के दौरान प्रदीप ने दम तोड़ दिया। कोतवाल कैलाश नेगी ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में भी किसी ने कोई तहरीर अभी तक नहीं सौंपी है।
आशा कार्यकर्ती ने लगाया फंदा, मौत

बागेश्वर: थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम पंद्रहपाली गांव की आशा कार्यकत्री ने शुक्रवार रात घर के अंदर ही फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। जब परिजनों ने उसे लटका देखा तो उनके पांव तले जमीन खिसक गई। उन्होंने इसकी सूचना ग्राम प्रधान को दी। ग्राम प्रधान ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पंद्रहपाली गांव की आशा कार्यकत्री दया देवी पत्नी सुरेश लाल ने शुक्रवार की रात अपने की घर में फांसी का फंदा लगाकार आत्महत्या कर ली। उस वक्त परिजन मौके पर नहीं थे। बाद में जब उन्होंने यह मंजर देखा तो उनके पांव के नीचे जमीन खिसक गई। ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लिया। शनिवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शव परिजनों को सौंप दिया है। कोतवाल कैलाश नेगी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। किसी ने कोई तहरीर मामले में नहीं दी है। मृतका के तीन बच्चे हैं और पति घोड़ा-खच्चर चलाकर घर परिवार चलाता था।

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