सीएनई रिपोर्टर, रानीखेत
उत्तराखंड के रानीखेत में आयोजित मां नंदा सुनंदा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का जोर-शोर से आयोजन हो रहा है। यह महोत्सव न केवल लोक कला और संस्कृति का मंच बन रहा है, बल्कि इसमें बच्चों और महिलाओं ने भी अपनी प्रतिभा का भरपूर प्रदर्शन किया है।

कला और प्रतिभा का संगम
महोत्सव के सांस्कृतिक संयोजक विमल सती ने बताया कि अब तक चित्रकला, मेहंदी, ऐपण और फैंसी ड्रेस जैसी कई प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक आयोजित हो चुकी हैं। इन प्रतियोगिताओं में स्कूली बच्चों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें कई कलाकारों को उनकी कला के लिए पुरस्कृत किया गया।

- मेहंदी प्रतियोगिता: महिला वर्ग में सीमा थापा ने प्रथम, मानसी पपनै ने द्वितीय और नीमा कोरंगा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्रा वर्ग में केवि की मानसी प्रथम, एपीएस की चेतना रावत द्वितीय और एपीएस की एकता तृतीय स्थान पर रहीं। मिशन इंटर कॉलेज की स्नेहा को विशेष पुरस्कार मिला।
- ऐपण प्रतियोगिता: महिला वर्ग में जयश्री साह ने प्रथम, सीमा भाकुनी ने द्वितीय और कमला जोशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्रा वर्ग में केवि की बबीता प्रथम, एपीएस की रंजना साह द्वितीय और केवि की सीमा तृतीय स्थान पर रहीं। एपीएस के कार्तिक रावत और केपीएस ताड़ीखेत के सुमित कुमार को विशेष पुरस्कार के लिए चुना गया।
- फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता: 0-3 आयु वर्ग में मिताली टम्टा प्रथम, क्रियांश द्वितीय और युगराज तृतीय स्थान पर रहे। प्राइमरी वर्ग में प्रतिष्ठा बिष्ट ने प्रथम, श्रेयांश ने द्वितीय और देवप्रताप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में धैर्य जोशी प्रथम, भूजल अधिकारी द्वितीय और प्रतिष्ठा खुल्बे तृतीय स्थान पर रहे।
आने वाले कार्यक्रम
विमल सती ने बताया कि रविवार, नंदाष्टमी के दिन, सुबह 11 बजे से प्राइमरी व जूनियर वर्ग की अंतरविद्यालयी लोक नृत्य प्रतियोगिताएं होंगी, जिसके बाद महिलाओं की छपेली नृत्य प्रतियोगिता होगी। सभी प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण भी इसी दिन होगा। रविवार की रात को, प्रसिद्ध लोकगायक गिरीश सनवाल अपनी टीम के साथ लोकगीतों का जादू बिखेरेंगे।
1 सितंबर, सोमवार को, सुबह 11 बजे से अंतरविद्यालयी समूह लोक नृत्य सीनियर वर्ग की प्रतियोगिता, दोपहर में उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिता और महिलाओं की विवाह गीत प्रतियोगिता होगी। रात में नैनीताल से आमंत्रित आरोही ग्रुप लोक नृत्य और गीतों की शानदार प्रस्तुति देगा।
यह महोत्सव स्थानीय कला, संस्कृति और प्रतिभा को एक मंच प्रदान कर रहा है, जो इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाता है।


