रिजॉर्ट कर्मचारी की गुमशुदगी से शुरू हुई जांच की कहानी
CNE REPORTER : नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र में रिजॉर्ट कर्मचारी की हत्या कर शव को खाई में ठिकाने लगाने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। तल्लीताल थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो अन्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो घटना के बाद से फरार चल रहे थे। पकड़े गए आरोपियों ने अपने साथी के साथ मिलकर कर्मचारी को मौत के घाट उतारा था और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को दुर्गम खाई में फेंक दिया था।


नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मंजूनाथ टीसी के कुशल निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई। पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात डॉक्टर जगदीश चन्द्र और क्षेत्राधिकारी नैनीताल के निकट पर्यवेक्षण में तल्लीताल पुलिस को इस गुमशुदगी के मामले का सफल खुलासा करने और आरोपियों को तत्काल सलाखों के पीछे भेजने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस की सक्रियता के चलते ही इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री की कड़ियां जुड़ीं और हत्यारों तक पहुंचना संभव हो सका।
इस पूरे मामले की शुरुआत गुरुवार के दिन हुई जब शौर्य रिसोर्ट भुजियाघाट के जनरल मैनेजर भावेश पाण्डे ने तल्लीताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उनके यहां कार्यरत कर्मचारी दिनेश चन्द्र उपाध्याय बुधवार को एक दिन की छुट्टी लेकर निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। जब परिजनों से संपर्क किया गया तो पता चला कि दिनेश घर भी नहीं पहुंचा है। पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन साक्ष्यों के संकलन के दौरान मामला संदिग्ध लगने लगा। सोमवार को मृतक के भाई बाला दत्त उपाध्याय की तहरीर पर हत्या और साक्ष्य छुपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच को हत्या के कोण से आगे बढ़ाया गया।
फरार चल रहे नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान थानाध्यक्ष तल्लीताल मनोज नयाल के नेतृत्व वाली टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने रविवार को इस हत्याकांड में नामजद दो अन्य आरोपियों रोहित सिंह बिष्ट पुत्र स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट और रोहित सिंह बिष्ट पुत्र स्वर्गीय ललित सिंह बिष्ट, निवासीगण सौड़ मल्लीताल को धर दबोचा। गौरतलब है कि इस मामले में एक आरोपी कमल सिंह बिष्ट को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया है।
इस चुनौतीपूर्ण मामले का अनावरण करने और आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मनोज नयाल, उपनिरीक्षक श्याम सिंह मेहरा, मुख्य आरक्षी हेम चन्द्र चन्द्र, आरक्षी शिवराज राणा, आरक्षी सोहन पाल और आरक्षी आनंद राणा शामिल रहे। पूरी टीम ने वैज्ञानिक और धरातलीय साक्ष्यों का मिलान करते हुए आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया है।


