सीएनई रिपोर्टर, सोमेश्वर
मानसून सीजन चल रहा है और आपदा का खतरा टला नहीं। मानसून सीजन आने से पूर्व ही आपदा से बचाव की तैयारियां करने के निर्देश भी हुए, मगर फिर भी लापरवाही। ऐसा कुछ सड़कों में देखने में आ रहा है। इसका एक नमूना सोमेश्वर—कौसानी मोटरमार्ग भी है। यूं तो सड़क किनारे पानी की निकासी नालियों को चौकस रखा जाना चाहिए। मगर लोनिवि को कोई परवाह नहीं, जगह—जगह सड़क किनारे नालियों का पता नहीं है। कहीं मलबे से नालियां चोक हैं, तो कहीं झाड़ियों ने नालियों को चोक कर डाला है। मगर लोनिवि जिम्मेदारी से विमुख नजर आ रहा है। ये बात सड़क किनारे नालियों की हालात बयां कर रही हैं। महज सोमेश्वर—कौसानी सड़क ही नहीं बल्कि जगह—जगह सड़कों की नालियों की यही हालत है। कहीं कलमट बंद हैं, तो कहीं बरसात में सड़कें नालियां बन जाती है। बजट की व्यवस्था होती है, मगर मामला सिफर ही नजर आ रहा है।



