सीएम की घोषणा, शिलान्यास के बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण
बार भवन के निर्माण तक बैठने का करें अस्थाई इंतजाम
अधिवक्ताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। अधिवक्ताओं ने बार भवन का निर्माण पूरा होने तक वकीलों के बैठने की अस्थाई व्यवस्था नवीन कलेक्ट्रेट भवन के अंदर प्रथम तल पर बीचों-बीच स्थित प्रांगण में करने का अनुरोध किया है।
अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिसमें मुख्यमंत्री घोषणा व शिलान्यास के क्रम में नवीन कलेक्ट्रेट परिसर में सुविधाजनक स्थान पर अधिवक्ताओं के लिए बार भवन का निर्माण करने की मांग की। कहा कि बार भवन का निर्माण कार्य पूरा होने तक अधिवक्ताओं के बैठने की अस्थाई व्यवस्था की जाए। उन्होंने नवीन कलेक्ट्रेट भवन के अंदर प्रथम तल पर बीचों-बीच स्थित प्रांगण में बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
अधिवक्ताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री घोषणा के तदनुरूप उत्तराखण्ड शासन द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्तागण हेतु चैंबर, दस्तावेज लेखक हेतु शेड व कैंटीन निर्माण हेतु 371 लाख रुपए वित्तीय स्वीकृति दी थी। जिसके पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा गत 30 नवंबर 2023 को इसका शिलान्यास किया गया, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास के पश्चात आज एक वर्ष छह माह बीत जाने के उपरांत अभी तक भी निर्माण कार्य आरंभ नहीं किया गया है। जबकि इस विषय में मुख्यमंत्री के अपर सचिव द्वारा जिलाधिकारी को यथाशीघ्र आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित भी किया गया था।
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग करी कि किए गए शिलान्यास के अनुरूप नवीन कलेक्ट्रेट परिसर में मंदिर के बगल में खाली भूखण्ड में शीघ्रातिशीघ्र अधिवक्ता कक्ष का निर्माण कार्य करवाया जाए। साथ ही यह भी मांग की है कि जब तक अधिवक्ता कक्ष का निर्माण नहीं हो जाता तब तक अधिवक्ताओं के दैनिक कार्य संचालन के लिए बैठने की व्यवस्था नवीन कलेक्ट्रेट भवन के अंदर प्रथम तल पर बीचों-बीच स्थित लांबी में की जाए।
जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता केवल सती, कुंदन सिंह भण्डारी, दीवान सिंह लटवाल, नवीन जोशी, जिला बार एसोसिएशन उपाध्यक्ष कवीन्द्र पन्त, महिला उपाध्यक्ष भावना जोशी आदि शामिल थे।

