लखनऊ। कोविड 19 संक्रमण के खौफ़ के बीच लंबे लॉकडाउन के दौरान रोजगार के सभी रास्त खत्म हो जाने से 30 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश वापस लौट आये हैं। जहां आज मजदूर बेहद बुरे दौर से जूझ रहे हैं, वहीं इनके नाम पर राजनैतिक गलियारों में जबदस्त राजनीति चल रही है। शिव सेना के मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर न केवल तीखी टिप्पणियां की गई हैं, बल्कि उनकी तुलना हिटलर से कर दी गई है। जिस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है। योगी ने ट्वीट कर कहा है, ”एक भूखा बच्चा ही अपनी मां को ढूंढता है। अगर महाराष्ट्र सरकार ने ‘सौतेली मां’ बनकर भी सहारा दिया होता तो महाराष्ट्र को गढ़ने वाले हमारे उत्तर प्रदेश के निवासियों को वापस न आना पड़ता।” आपको याद दिला दें कि शिवसेना प्रवक्ता और सामना के संपादक संजय राउत ने एक लेख में कहा था कि उत्तर प्रदेश में मजदूरों को वापस नहीं घुसने दिया जा रहा। उनके साथ अमानवीय बर्ताव हो रहा है। राउत ने योगी को नसीहत भी दी थी कि उन्हें मन की आंखें खोलनी चाहिए। इसके बाद से ही उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों के इन दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर जुबानी जंग शुरू हो चुकी है।
प्रवासियों पर आर—पार : ”सौतेली मां बनकर ही सहारा दे देती महाराष्ट्र सरकार”, योगी का पलटवार….
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Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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