सीएनई रिपोर्टर, देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के पेंशनर्स को बड़ा तोहफा देते हुए उनकी महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) की दर में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। राज्य कर्मचारियों को लाभ मिलने के बाद अब पेंशनर्स का इंतजार भी खत्म हो गया है। इस फैसले से लगभग एक लाख से अधिक पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।
1 जुलाई 2025 से 58% महंगाई राहत: वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पेंशनर्स को अब 1 जुलाई 2025 से 55 प्रतिशत के स्थान पर 58 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत प्रदान की जाएगी। राज्यपाल ने इस प्रस्ताव को तुरंत स्वीकृति प्रदान की है, जिससे यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
किसे मिलेगा लाभ ?
यह बढ़ी हुई राहत दर उन सभी पेंशनरों पर लागू होगी जिनकी पेंशन सातवें वेतनमान आयोग की सिफारिशों के अनुसार पुनरीक्षित की गई है। इसका लाभ राज्य सरकार के स्थायी पेंशनभोगियों के अलावा विद्यालयी एवं प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के पात्र शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी मिलेगा, जिन्हें सरकारी पेंशनरों के समान पेंशन मिलती है।
इन पर लागू नहीं
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों, स्थानीय निकायों तथा सार्वजनिक उपक्रमों के सिविल या पारिवारिक पेंशनरों पर यह निर्णय स्वतः लागू नहीं होगा। इनके लिए संबंधित विभागों को अलग से आदेश जारी करने होंगे।
वित्तीय प्रबंधन: शासन ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत महंगाई राहत का भुगतान संबंधित कार्यालयों द्वारा ही किया जाएगा, इसके लिए महालेखाकार से किसी अलग अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। महंगाई राहत की दरों में इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर वार्षिक रूप से करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन महंगाई के दबाव के बीच सरकार ने इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना है, जिससे पेंशनरों की आमदनी में सुधार होगा।

