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कैंची धाम में बेकाबू हुआ ट्रैफिक, 4 KM लंबा महाजाम

क्वारब-चौसली लिंक मार्ग खुशखबरी
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बड़ी खुशखबरी: क्वॉरब-चौसली लिंक मार्ग को मिली हरी झंडी, कल से खुल सकता है रास्ता!

अल्मोड़ा प्रशासन की टीम ने किया मुआयना, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट और गाड़ियों का लाइव ट्रायल...

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रेंगती दिखीं दिल्ली-लखनऊ की गाड़ियां

सीएनई रिपोर्टर, कैंची धाम। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा नीम करौली महाराज के कैंची धाम में अव्यवस्थित यातायात और महाजाम की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। आज सुबह से ही धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके चलते पूरा क्षेत्र एक बड़े ट्रैफिक जाम की चपेट में आ गया। देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालु और स्थानीय लोग घंटों इस जाम में फंसे रहे, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

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तीन से चार किलोमीटर तक थमे वाहनों के पहिये

सुबह के शुरुआती घंटों से ही कैंचीधाम मार्ग पर वाहनों का दबाव इस कदर बढ़ा कि देखते ही देखते करीब तीन से चार किलोमीटर लंबा भारी जाम लग गया। इस भीषण जाम में सैकड़ों वाहन रेंगते हुए नजर आए। हालांकि, यातायात को नियंत्रित करने और सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस के जवान मुस्तैदी से सड़क पर डटे रहे, लेकिन वाहनों की बेतहाशा संख्या के आगे पुलिस के सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। निरंतर बढ़ती जा रही पर्यटकों की भीड़ और अनियंत्रित यातायात अब इस पूरे क्षेत्र के लिए एक स्थाई समस्या बन चुका है।

आड़े-तिरछे खड़े वाहनों ने बढ़ाई राहगीरों की मुसीबत

जाम को और अधिक गंभीर बनाने में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की बेतरतीब पार्किंग ने बड़ी भूमिका निभाई। दिल्ली, लखनऊ, हरियाणा और अन्य मैदानी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की गाड़ियां सड़क के दोनों ओर आड़ी-तिरछी खड़ी दिखाई दीं। इस अव्यवस्थित पार्किंग के कारण सड़क इतनी संकरी हो गई कि पैदल चलने वाले स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को भी निकलने का रास्ता नहीं मिला। आने-जाने वाले लोगों को भीषण गर्मी और धूप में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रशासनिक दावों से नाराज यात्रियों में फूटा रोष

जाम के झाम में घंटों फंसे रहने के कारण यात्रियों और श्रद्धालुओं का धैर्य जवाब दे गया। प्रशासन की लचर व्यवस्था के खिलाफ लोगों में भारी रोष और आक्रोश देखने को मिला। जाम में फंसे यात्रियों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आए दिन लगने वाले इस लंबे जाम ने क्षेत्र की पूरी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। यात्रियों का आरोप है कि जिला व पुलिस प्रशासन केवल बड़े-बड़े बयान जारी कर अखबारों और न्यूज चैनलों की सुर्खियां बटोरने का काम करता है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। हर दिन यहां आने वाले श्रद्धालुओं को घंटों प्रताड़ित होना पड़ रहा है।

स्थानीय होटल और ढाबा कारोबारियों पर मंडराया संकट

इस रोजाना के जाम का सबसे बुरा असर कैंचीधाम क्षेत्र के स्थानीय व्यापारियों पर पड़ रहा है। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा स्वामियों का कारोबार इस ट्रैफिक जाम की वजह से पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। व्यापारियों का कहना है कि सड़क पर लगे लंबे जाम के कारण कोई भी यात्री अब उनके होटल या ढाबों पर रुकना ही नहीं चाह रहा है। लोग जैसे-तैसे जाम से निकलकर आगे बढ़ जाना चाहते हैं। अगर यही स्थिति रही, तो स्थानीय व्यवसायियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थाई समाधान की मांग की है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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