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ज्योति मेर हत्याकांड का खुलासा : अवैध रिश्तों की बलि चढ़ी योगा ट्रेनर!

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नेपाल भागते वक्त पकड़ा गया कातिल

SSP मीणा के नेतृत्व में पुलिस को मिली बड़ी सफलता

हल्द्वानी/मुखानी। मुखानी क्षेत्र की महिला योगा ट्रेनर ज्योति मेर की हत्या का गूढ़ रहस्य आखिरकार खुल गया है। पुलिस के अनुसार सेंटर मालिक और ट्रेनर के बीच नाजायज़ रिश्तों को लेकर उपजे मनमुटाव ने वारदात को जन्म दिया। इसी रंजिश में आरोपी अभय कुमार उर्फ राजा ने दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या की और बनबसा होते हुए नेपाल को भागा, लेकिन कानून की लंबी बांह ने उसे 19 अगस्त 2025 को नगला तिराहे के पास धर दबोचा। इस सफलता का श्रेय एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा की कड़ी निगरानी और तेज़तर्रार नेतृत्व को जाता है।

शिकायत से सनसनी तक: पूरा मामला

तारीख: 03 अगस्त 2025

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शिकायतकर्ता: मृतका की मां दीपा मेर, निवासी हल्दुचौड़ (तुलारामपुर), थाना लालकुआं, जिला नैनीताल।

पीड़ित: ज्योति मेर, पति कमल सबलानी, मूल निवासी जोधपुर (राजस्थान); वर्तमान में जे.के. पुरम, छोटी मुखानी में आशा पांडे के घर की तीसरी मंज़िल पर रह रही थी और अजय योगा एंड फिटनेस सेंटर, मुखानी में महिला योगा ट्रेनर के तौर पर काम कर रही थी।

नामज़द संदेह: सेंटर के मालिक अजय यदुवंशी और उसका छोटा भाई अभय यदुवंशी उर्फ राजा।

एफआईआर: मुखानी थाने में धारा 103(1)/3(5), BNS के तहत अजय यदुवंशी व अभय यदुवंशी के खिलाफ दर्ज।

जांच की पटकथा: सीसीटीवी का ‘मुख्य किरदार’

योगा ट्रेनर ज्योति मेर हत्याकांड
योगा ट्रेनर ज्योति मेर हत्याकांड

एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा के सख्त निर्देशन में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र और एसपी सिटी प्रकाश चंद्र के पर्यवेक्षण तथा सीओ हल्द्वानी नितिन लोहनी के नेतृत्व में कई टीमें गठित हुईं। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक संदिग्ध युवक वारदात के बाद बाहर निकलता दिखा।

पहचान हुई—अभय कुमार उर्फ राजा, पुत्र अरुण कुमार यादव, उम्र 24 वर्ष; मूल निवासी गोल चौक, वाल्मीकि नगर, थाना वाल्मीकि नगर, जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार); वर्तमान पता अजय योगा एंड फिटनेस सेंटर, मुखानी। लोकेशन और मूल पते के आधार पर टीमें नेपाल तक रवाना की गईं और निरंतर दबिश के बाद 19 अगस्त 2025 को नगला तिराहे के पास से गिरफ्तारी हो गई।

‘कबूलनामे’ की कहानी: कैसे रची गई वारदात (पुलिस के अनुसार)

अभय के बयान के मुताबिक, चन्दन डायग्नोसिस की टॉप फ्लोर पर बड़े भाई अजय के नाम से चल रहे अजय फिटनेस योगा सेंटर में दोनों भाई मिलकर काम संभालते थे—मैनेजमेंट का अधिकांश दायित्व अभय पर था। इसी दौरान ज्योति और अजय के बीच अवैध संबंध बन गए। रिश्तों की गरमी ने घर-परिवार की ठंडक छीन ली—अजय ने खर्चा बंद कर दिया और अभय को घर से बेदखल कर दिया। इसी खुन्नस में अभय ज्योति के कमरे में पहुंचा, उसके ही दुपट्टे से पीछे से गला दबाया और मौत की तस्दीक के बाद टैक्सी से बनबसा होते हुए नेपाल निकल गया।

बरामदगी : गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा बरामद किया गया है, जिसे केस प्रॉपर्टी के तौर पर सील किया गया।

एसएसपी की कमान, स्पीड में नतीजा

पूरे ऑपरेशन की सफलता की धुरी रही एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा की आक्रामक रणनीति—टाइमबाउंड टास्किंग, मल्टी-टीम कोऑर्डिनेशन और बॉर्डर-ट्रैकिंग की स्मार्ट प्लानिंग। तेज़ जांच, बारीक टेक्निकल एनालिसिस और फील्ड इंटेल के तालमेल से कुछ ही दिनों में हत्या का राज़ खुल गया। ज़िले में इस प्रोएक्टिव पुलिसिंग की जोरदार चर्चा है।

कानूनी मोर्चा

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आगे की कार्रवाई तेज कर दी है। केस में दर्ज धाराएं BNS 103(1)/3(5) लागू हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के साथ चार्जशीट की तैयारी की जा रही है।

पुलिस टीम पुरस्कृत

खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाली टीम में एसआई दिनेश चंद्र जोशी (थानाध्यक्ष/विवेचक), एसआई विरेंद्र चंद, एसआई बिरेन्द्र सिंह बिष्ट, एसआई नरेन्द्र कुमार, एसआई हरजीत सिंह, कांस्टेबल सुनील आगरी, रोहित कुमार, सुरेश देवड़ी, रविन्द्र खाती, बलवंत सिंह, धीरज सुगड़ा, शंकर सिंह, राजेश (एसओजी), अरविन्द (एसओजी), अनूप तिवारी, प्रवीण सिंह और महिला कांस्टेबल गंगा मठपाल शामिल रहे। टीम के हौसले और दक्षता को सलाम करते हुए ₹2,500 का नकद प्रोत्साहन दिया गया।

यहां देखिए, वायरल वीडियो मानो कोई फिल्मी सीन हकीकत में उतर आया हो

टाइमलाइन (कहानी संक्षेप में) :

  • 03 अगस्त 2025: परिजनों की तहरीर पर मुखानी थाने में एफआईआर दर्ज।
  • CCTV क्लू: संदिग्ध की पहचान—अभय उर्फ राजा।
  • नेपाल तक पीछा: टीमों की लगातार दबिश।
  • 19 अगस्त 2025: नगला तिराहे के पास से गिरफ्तारी, दुपट्टा बरामद।
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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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