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अच्छी पहल: जैंती के गांवों में रेशम उत्पादन का श्रीगणेश, संस्था ने किसानों को बांटे शहतूत के पौंधे व सामग्री

जैंती/अल्मोड़ा। जगमोहन दीनदयाल ग्रामीण स्वरोजगार संस्था ने जैंती तहसील के कई गांवों के किसानों को रेशम उत्पादन के लिए प्रेरित कर अब शहतूत उत्पादन की पहल शुरू कर दी है। इसके लिए चयनित किसानों को शहतूत के पौधों तथा उपकरण इत्यादि का वितरण किया। ग्राम पंचायत कनरा में प्रधान पान सिंह बोरा ने खुद शहतूत का पौधा रोपकर इस कार्य का श्रीगणेश किया।
अल्मोड़ा जनपद के जैंती तहसील अंतर्गत प्रमुख रूप से जैंती, बसगांव, सालम व लमगड़ा क्षेत्र में संस्था की गतिविधियां प्रमुखता से चल रही हैं। इन क्षेत्रों के गांवों में शहतूत के पौधों समेत किसानों को दस्ताने, फावड़े व कीटनाशक वितरित कर संस्था के लोगों ने रेशम उत्पादन की दिशा का कार्य का शुभारंभ किया। ग्राम पंचायत कनरा, बोरा गांव, बचकांडेे , नीरई, ल्वाली, तल्ला बिनौला, मल्ला बिनौला, नया संगरौली, बाजधार, भाबू, काला डूंगरा, बसगांव, तड़ेनी, के चुनिंदा किसानों को यह सामग्री वितरित की। इस दौरान प्रमुख रूप से क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य देवकी बिष्ट, इन गावों के प्रधान तथा संस्था के संरक्षक हरीश गहतोड़ी, अध्यक्ष राजेश आर्या, सचिव हरीश सनवाल, उप सचिव अरविंद बिष्ट, कोषाध्यक्ष रमेश आर्य, सदस्य ललित रौतेला, प्रताप फर्त्याल, रश्मि बिष्ट, सुमन बिष्ट, गोविंद सिंह बिष्ट आदि कई लोग मौजूद थे। किसानों ने संकल्प लिया कि वे संस्था के साथ रेशम उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार अपनाएंगे और रेशम उत्पादन में मिशाल कायम करेंगे।

संस्था के प्रतिनिधियों ने किसानों को उत्साह को देखते हुए उम्मीद जताई कि रेशम उत्पादन सालम क्षेत्र समेत पूरे जिले में एक जनांदोलन के रूप में फैलेगा। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में सूचीबद्ध किसानों को यह सामग्री वितरित की जाएगी।

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