दो सगे भाइयों सहित तीन शातिर सटोरिये गिरफ्तार

CNE REPORTER, हल्द्वानी: स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और मुखानी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मैचों में सट्टेबाजी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो सगे भाइयों सहित तीन शातिर सटोरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अब तक करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये का सट्टा खिलवा चुका है और रोजाना 7 से 8 लाख रुपये का अवैध कारोबार कर रहा था। पुलिस ने इनके पास से छह महंगे मोबाइल फोन, 51,100 रुपये की नगदी, सट्टे का हिसाब-किताब रखने वाला रजिस्टर और एक हुंडई क्रेटा कार बरामद की है। इस बड़ी कामयाबी से क्षेत्र में सक्रिय सट्टा कारोबारियों के हौसले पस्त हो गए हैं।

मुखानी थाना पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर 21 मई 2026 को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने थाना मुखानी क्षेत्र के अंतर्गत एस मोड के पास मधुबन कॉलोनी स्थित एक खाली प्लॉट पर छापा मारा। वहां ये तीनों आरोपी इंडियन प्रीमियर लीग मैच पर मोबाइल के जरिए सट्टा लगा रहे थे।
पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मौके से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से सट्टेबाजी में इस्तेमाल हो रहे छह मोबाइल फोन, एक रजिस्टर, एक पेन और ₹51,100 की नगद रकम बरामद हुई। इसके साथ ही सट्टे की कमाई से अर्जित की गई क्रेटा कार (संख्या UP-25EL-4419) को भी पुलिस ने सीज कर दिया है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मुखानी थाने में धारा-13 जी एक्ट (जुआ अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
उल्लेखनीय है कि नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टी.सी. के दिशा-निर्देश में जनपद के भीतर अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल एवं क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण तथा मुखानी के थानाध्यक्ष सुशील जोशी के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सख्त रुख के कारण ही पुलिस टीम इतनी मुस्तैदी से सट्टा माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने में कामयाब रही। इस शानदार सफलता और पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त टीम को 2000 रुपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में दो सगे भाई शामिल हैं जो लंबे समय से इस अवैध धंधे में लिप्त थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- रवि गुप्ता उर्फ झबरा: पुत्र स्वर्गीय धर्मपाल गुप्ता, निवासी- दुर्गा कॉलोनी, थाना बनभूलपुरा, उम्र 35 वर्ष।
- रोहित गुप्ता: पुत्र धर्मपाल गुप्ता, निवासी- दुर्गा कॉलोनी, थाना बनभूलपुरा, उम्र 22 वर्ष।
- मोहित प्रसाद: पुत्र राजेंद्र प्रसाद, निवासी- नारायण नगर विक्टोरिया नंबर-1, मुखानी, उम्र 30 वर्ष।
मुख्य आरोपी रवि गुप्ता का पुराना आपराधिक इतिहास
पकड़े गए आरोपियों में से रवि गुप्ता उर्फ झबरा एक शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से ही कोतवाली बनभूलपुरा में कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसका आपराधिक इतिहास निम्नलिखित है:
- धारा-270 भारतीय दंड संहिता व 60/72 आबकारी अधिनियम, कोतवाली बनभूलपुरा।
- धारा-188/269/270 भारतीय दंड संहिता व 13 जी एक्ट, कोतवाली बनभूलपुरा।
- धारा-8/20 स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), कोतवाली बनभूलपुरा।
कार्रवाई करने वाली संयुक्त पुलिस टीम
इस पूरे सट्टा रैकेट को बेनकाब करने में मुखानी पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस टीम में उप निरीक्षक वीरेंद्र चंद, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के हेड कांस्टेबल कुंदन कठायत, हेड कांस्टेबल त्रिलोक रौतेला, कांस्टेबल अशोक रावत, कांस्टेबल भूपेंद्र जेष्ठा, कांस्टेबल भानु प्रताप ओली तथा मुखानी थाने के कांस्टेबल सुरेश देवडी और कांस्टेबल भगवती पाठक शामिल रहे। सभी पुलिसकर्मियों ने आपसी तालमेल से इस सफल रेड को अंजाम दिया।


