अनर्पा बीट में सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण
CNE REPORTER, नैनीताल: वनाग्नि के बढ़ते खतरे और ग्रीष्मकाल की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में आज शनिवार प्रातः उत्तरी गौला रेंज के अंतर्गत विभिन्न बीटों में सुरक्षा कार्यों का जायजा लिया गया और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया।

वन क्षेत्राधिकारी विजय चन्द्र भट्ट के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने अनर्पा बीट का दौरा किया। इस दौरान वहां किए जा रहे अग्नि सुरक्षा कार्यों (Fire Safety Works) की समीक्षा की गई। क्षेत्राधिकारी ने फील्ड स्टाफ को वनाग्नि से बचाव के दौरान स्वयं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी। साथ ही, आग की सूचना पर त्वरित रिस्पांस के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।

दड़माने बीट में 11 किमी की दुर्गम गश्त
अनर्पा के पश्चात टीम दड़माने बीट पहुँची। यहाँ बीट अधिकारी अभय कुमार और अग्नि श्रमिकों (Fire Watchers) के साथ मिलकर वनों की सुरक्षा हेतु सघन गश्त की गई। टीम ने दुर्गम रास्तों और संवेदनशील क्षेत्रों को कवर करते हुए लगभग 11 किलोमीटर की दूरी तय की।
इस गश्त के दौरान बीट के भीतर वर्ष 2025–26 में कराए गए एएनआर (Assisted Natural Regeneration) कार्यों का भी सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। क्षेत्राधिकारी ने बीट अधिकारी को इन कार्यों की सफलता सुनिश्चित करने और पौधों के संरक्षण के संबंध में कड़े निर्देश दिए।

जन-जागरूकता: छात्रों को सिखाए वनाग्नि रोकथाम के गुर
क्षेत्रीय निरीक्षण के उपरांत वन विभाग की टीम दीनी तल्ली स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुँची। यहाँ छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना था।
- वनाग्नि रोकथाम: बच्चों को बताया गया कि जंगलों की आग न केवल पेड़ों को नष्ट करती है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र को भी भारी नुकसान पहुँचाती है।
- मानव-वन्यजीव संघर्ष: वन्यजीवों के साथ बढ़ते संघर्ष को कम करने के उपायों और जंगली जानवरों के दिखने पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
“वनों को सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्र समाज में परिवर्तन के सबसे सशक्त माध्यम हैं, इसलिए उन्हें वनाग्नि और वन्यजीवों के प्रति जागरूक करना प्राथमिकता है।”
इस पूरी कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मनोज कैड़ा, संजय शर्मा सहित अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे। वन विभाग के इस अभियान से स्थानीय ग्रामीणों और विद्यार्थियों में वनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।


