INDIA Alliance: टीएमसी ने ‘कांग्रेस’ पर छोड़ा ‘शब्दबाण’, ‘जमींदारी’ छोड़ो

Highlights : INDIA Alliance Latest : भाजपा को सत्ता से बेदखल करने को लेकर भले ही विपक्षी दलों ने इंडिया गठबंधन बनाया है, लेकिन लोकसभा…

टीएमसी ने 'कांग्रेस' पर छोड़ा 'शब्दबाण'

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INDIA Alliance Latest : भाजपा को सत्ता से बेदखल करने को लेकर भले ही विपक्षी दलों ने इंडिया गठबंधन बनाया है, लेकिन लोकसभा चुनाव करीब आने के साथ ही गठबंधन के मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। अब एक बार फिर टीएमसी ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। जिसमें कांग्रेस को सलाह दी गई है कि वह जमींदारी संस्कृति छोड़, ममता बनर्जी जैसे किसी प्रभावशाली नेता को गठबंधन का चेहरा बनाये। भले ही टीएमसी ने प्रधानमंत्री कौन बनेगा पर कुछ नहीं कहा, लेकिन इशारा साफ है कि यदि इंडिया गठबंधन जीता तो टीएमसी ममता बनर्जी को सीएम के रूप में देखना चाहेगी।

CNE DESK/भाजपा की बढ़ती ताकत को रोकने के लिए तमाम विपक्षी दल भले ही मिलकर साथ चलने के दावे कर रहे हैं, लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। आज गठबंधन INDIA Alliance में शामिल दल के कुछ बड़े नेता यह मानने लगे हैं कि जब तक उनका नेतृत्व कांग्रेस करेगी, वे कभी भी बीजेपी को सत्ता से बेदखल न हीं कर पायेंगे। यही कारण है कि टीएमसी प्रवक्ता ने साफ तौर पर कह दिया है कि कांग्रेस ममता बनर्जी को गठबंधन के चेहरे के तौर पर पेश करे।

‘राहुल’ नहीं ‘ममता बनर्जी’ को बनायें गठबंधन का चेहरा !

इंडिया गठबंधन में शामिल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस के बीच विवाद अब सामने आने लगा है। जिसका सबसे बड़ा कारण हालिया चुनाव में तीन राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हार है। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने जारी बयान में कांग्रेस नेतृत्व पर शब्दबाण छोड़े हैं। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि कांग्रेस जमींदारी संस्कृति को छोड़े और ममता बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेताओं को गठबंधन के चेहरे के तौर पर प्रस्तुत करे।

हार से सबक सीखे कांग्रेस : घोष

तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि हार के बाद अब कांग्रेस को सबक सीखना चाहिए। वक्त आ गया है कि कांग्रेस अब अपनी जमींदारी संस्कृति को त्याग दे। गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने हेतु उन्हें ममता बनर्जी जैसे अन्य वरिष्ठ नेताओं को गठबंधन का चेहरा बनाना चाहिए। चूंकि भाजपा को हरारे के नाम पर कांग्रेस हर बार हार रही है। वहीं, दूसरी ओर टीएमसी कई बार भाजपा को पराजित कर चुकी है।

कांग्रेस ने दिया करारा जवाब

टीएमसी की इस तरह की टिप्पणी पर पश्चिम बंगाल की कांग्रेस इकाई ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आइच रॉय ने साफ किया कि कांग्रेस को भाजपा से लड़ने के लिए टीएमसी से सबक सीखने की कतई जरूरत नहीं है। कांग्रेस ही सबसे मजबूत पार्टी है, जो लगातार बीजेपी के खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ रही है। इसके विपरीत टीएमसी एक ऐसी पार्टी है जिसने कई बार जीत के लिए भगवा पार्टी से समझौता भी किया है।

लोकसभा चुनाव के बाद पीएम के नाम पर चर्चा

इधर टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal chief minister Mamata Banerjee) का कहना है कि लोक सभा के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री की घोषणा की जाएगी। नई दिल्ली पहुंची ममता बनर्जी का साफ कहना है कि लोकसभा चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन में प्रधानमंत्री के नाम पर चर्चा होगी।

टीएमसी भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू : भट्टाचार्य

इधर CPI (M) के नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि सीट बंटवारा में TMC की शायद ही कोई भूमिका हो। पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ज्ञात रहे कि दें कि राज्य में कांग्रेस और सीपीआई(एम) TMC and BJP के खिलाफ चुनाव लड़ रही है।

बंगाल की सबसे प्रभावशाली नेता हैं ममता बनर्जी

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य की सबसे प्रभा​वशाली सीएम में गिनी जाती रही हैं। उन्होंने बंगाल में भाजपा का रास्ता हमेशा से रोका है। वहीं, कांग्रेस नेतृत्व पर वह कई बार तीखी टिप्पणी कर चुकी हैं। उनका वह बयान भी काफी चर्चा में रहा था, जब उन्होंने राहुल गांधी को भाजपा की सबसे बड़ी टीआरपी बताया था। उनका साफ मानना है कि भाजपा भी यही चाहती है कि राहुल गांधी कांग्रेस का नेतृत्व करते रहें। मोदी तब तक सत्ता में बने रहेंगे जब तक राहुल कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं।