शातिर गुलदार की लुका-छिपी से ग्रामीण परेशान
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी ग्राम सिरसा के चौनीखेत क्षेत्र में इन दिनों गुलदार (तेंदुए) का आतंक चरम पर है। इलाके में गुलदार की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में भारी दहशत व्याप्त है। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त और कांबिंग कर रही है, लेकिन शातिर गुलदार हर बार चकमा देकर छिपने में कामयाब हो जा रहा है, जिससे उसकी सही लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। हालांकि, बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग ने जल्द ही पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों इसी गुलदार ने पूर्व प्रधान एवं पत्रकार अनूप सिंह जीना के आवास परिसर से एक बकरी को अपना निवाला बना लिया था। इतना ही नहीं, घात लगाए बैठे गुलदार ने उनकी बेटी पर भी हमले का प्रयास किया था, जिससे बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। इस घटना के बाद से ही परिवार सहमा हुआ है। आज शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे एक बार फिर गुलदार उनके आवास के आस-पास मंडराता हुआ दिखाई दिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
गुलदार के दोबारा दिखने की सूचना मिलते ही वन दरोगा संजय टम्टा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने बिना वक्त गंवाए प्रभावित क्षेत्र से लगे जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन (कांबिंग) चलाया। इस खोजी दल में अनिल बोरा सहित विभाग के अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। हालांकि, घंटों की भारी मशक्कत और लगातार सर्चिंग के बावजूद गुलदार का कहीं कोई सुराग नहीं मिल पाया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह गुलदार बेहद शातिर और चालाक है। वह आए दिन आबादी वाले हिस्सों और घरों के आस-पास घूमता रहता है, लेकिन जैसे ही वन विभाग की टीम कांबिंग के लिए पहुंचती है, वह जंगल के घने हिस्सों में कहीं जाकर छिप जाता है। वन कर्मियों की मौजूदगी के दौरान उसकी कोई भी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाती, जिससे उसे पकड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सुरक्षा के लिए जल्द लगेगा पिंजरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन दरोगा संजय टम्टा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। उच्च स्तर से अनुमति मिलते ही क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वन विभाग की जनता से सतर्क रहने की अपील
गुलदार के लगातार मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने आम जनता की सुरक्षा के मद्देनजर गाइडलाइन जारी की है। वन दरोगा ने सभी ग्रामीणों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से हिदायत दी है कि बच्चों को किसी भी हाल में अकेले घर से बाहर न जाने दें और शाम व सुबह के वक्त अकेले सुनसान रास्तों पर चलने से बचें।


