अल्मोड़ा : मात्र प्रयोगशाला बनकर रह गए हैं उत्तराखंड प्रदेश के सरकारी स्कूल

👉 शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी में ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक चर्चा 📌 लगभग 02 दर्जन शिक्षक सम्मानित सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। राजकीय शिक्षक संघ की ब्लाॅक कार्यकारिणी…

विभिन्न सरकारी स्कूलो के यह शिक्षक—शिक्षिकाएं हुए सम्मानित

👉 शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी में ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक चर्चा 📌 लगभग 02 दर्जन शिक्षक सम्मानित

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। राजकीय शिक्षक संघ की ब्लाॅक कार्यकारिणी धौलादेवी के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर बीआरसी सभागार में शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्लाॅक के लगभग 02 दर्जन उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया। गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री रविशंकर गुसांई ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा प्रणाली पूंजीवादी व्यवस्था से पीड़ित है। सरकारी स्कूलों को संसाधन सम्पन्न बनाया जाना था, लेकिन वे सरकारों के लिए मात्र प्रयोगशाला बनकर रह गए हैं। जहां योजनाओं के नाम पर अलग-अलग प्रयोग किए जा रहे हैं। जिससे शिक्षकों पर गैर शैक्षणिक कार्यों का बोझ बढ़ता जा रहा है।

विभिन्न सरकारी स्कूलो के शिक्षक—शिक्षिकाएं हुए सम्मानित

सरकारी स्कूलों का रहा है गौरवशाली अतीत

विशिष्ट अतिथि जिलाध्यक्ष भारतेन्दु जोशी ने कहा कि सरकारी स्कूलों का अतीत काफी गौरवशाली रहा है। इन्हीं सरकारी स्कूलों से पढ़कर कई प्रतिभाऐं आज देश हीं नहीं विदेशों में भी भारत का नाम रोशन कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों का बोझ हटाकर ही सरकारी विद्यालयों के गौरवशाली अतीत को फिर से लौटाया जा सकता है। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए ब्लाॅक अध्यक्ष राजू महरा ने शिक्षण की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए सभी शिक्षकों से शिक्षण में तकनीक का प्रयोग करने पर जोर दिया।

यह शिक्षक—शिक्षिकाएं हुए सम्मानित

इस मौके पर ब्लाॅक में उत्कृष्ट कार्य के लिए सेवानिवृत शिक्षक बहादुर सिंह रावत, राइंका गरूड़ाबांज से शोभा मिराल, राउमावि काफली से यशोदा गहतोड़ी, राइका खेती से गोविंद प्रसाद, राउमावि चेलछीना से कविता चौबे, राउमावि बानठौक से जीवन लाल, राकउमावि से मीना गिरी, राइका दशौलाबडियार से गोकुल चंद्र, राइका दन्या से शिल्पी पांडे, राइका ध्याड़ी से सुशील तिवारी, राउमावि धूरा से मुकेश रयाल, राउमावि द्योलीबगड़ से सुरेन्द्र चैहान, राइका बाराकूना से बलवंत नेगी, राइका भनोली से नंदन राम, राउमावि भुन्यौलासैम से रेनु टम्टा, राउमावि खौड़ी से दिनेश चंद्र, राउमावि मनिआगर से विनीता जोशी, राउमावि जागेश्वर से भोला दत्त, राउमावि चमुवा से संतोष गड़कोटी, राउमावि कांडानौला से बीना उप्रेती, राउमावि कुसुम पंत, राइका आरासल्पड से कृपा राम, राइका चमतोला से सुनीता नेगी को सम्मानित किया गया।

गोष्ठी का संचालन ब्लाॅक मंत्री आनन्दबल्लभ पांडे ने किया। इस मौके पर त्रिवेन्द्र सिंह, मेघा मनराल, गिरीष बिष्ट, हरिवंष बिष्ट, दीपा उप्रेती, डॉ. बृजेश डसीला, डॉ. संकर्षण त्रिपाठी, बसंत भट्ट, नितेश कांडपाल, त्रिभुवन सिंह, ऊषा रानी, निर्मला मेहता, पीसी जोशी, शूरवीर सिंह, ललिता बिष्ट, किरन ज्योति, राकेश पाण्डे, दीपक कुमार सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

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